वैदिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ आर्य समाज पाबूपूरा का स्वर्ण

जोधपुर में महर्षि दयानन्द अंतरराष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग; आजादी में आर्य समाज की भूमिका सर्वोपरिस्वामी आर्यवेश, स्वामी आदित्यवेश

 

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वैदिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ आर्य समाज पाबूपूरा का स्वर्ण
 जयंती महोत्सव जोधपुर में महर्षि दयानन्द अंतरराष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग; आजादी में आर्य समाज की भूमिका सर्वो परिस्वामी आर्यवेश, स्वामी आदित्यवेश

जोधपुर,7 दिसम्बर।
आर्य समाज पाबूपूरा का बहुप्रतीक्षित स्वर्ण जयंती महोत्सव रविवार को उत्साह, अनुशासन और वैदिक आध्यात्मिकता के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत 50 कुण्डीय महायज्ञ से हुई, जिसके ब्रह्मा पंडित केशव देव शास्त्री रहे। समारोह में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, नई दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश, राष्ट्रीय प्रचारक स्वामी आदित्यवेश सहित कई प्रतिष्ठित विद्वान एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में स्वामी आर्यवेश ने कहा कि संस्था के 50 वर्ष अत्यंत ऐतिहासिक होते हैं। उन्होंने 200वीं ऋषि दयानन्द जन्म जयंती और 150वीं आर्य समाज स्थापना वर्ष पर जोधपुर में महर्षि दयानन्द के नाम से अंतरराष्ट्रीय स्मारक बनाने तथा देश के किसी प्रमुख हवाई अड्डे का नामकरण दयानन्द सरस्वती के नाम पर करने की मांग रखी।
स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में आर्य समाज का योगदान अत्यंत निर्णायक रहा है। उन्होंने बताया कि 2026 में स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी वर्ष पर हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें देश–विदेश से प्रतिनिधि भाग लेंगे।

समारोह में आर्य समाज पाबूपूरा के 50 वर्षों के इतिहास पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा समाज सेवा में योगदान देने वाले सहयोगियों को सम्मानित किया गया। आर्य वीर दल के युवाओं ने योग, व्यायाम और शौर्य प्रदर्शन प्रस्तुत कर दर्शकों को प्रभावित किया। इस दौरान पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी,  जोधपुर शहर पूर्व विधायक मनीषा पंवार, कीर्ति भील, आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के प्रधान एडवोकेट विरजानंद, नारायण सिंह आर्य, भंवरलाल आर्य, भंवरलाल हटवाल, रोशनलाल आर्य, रोशन नायक सहित सभी अतिथियों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

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Author
Rajendra Harsh
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