शर्मिला चौधरी निकली 3000 KM की धार्मिक बाइक यात्रा पर

जोधपुर। लूणी उपखंड के बासनी झूठा गांव की 18 वर्षीय शर्मिला चौधरी ने साहस, आस्था और आत्मविश्वास का अद्भुत परिचय देते हुए अकेले बाइक से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा शुरू कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 14 जून 2026 को शुरू हुई इस यात्रा के दौरान वह लगभग 3000 किलोमीटर का सफर तय कर उत्तराखंड के विभिन्न प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगी। कम उम्र में अकेले इतनी लंबी दूरी की बाइक यात्रा पर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन शर्मिला ने अपने दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास के बल पर इस चुनौती को स्वीकार किया है।

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जोधपुर। लूणी उपखंड के बासनी झूठा गांव की 18 वर्षीय शर्मिला चौधरी ने साहस, आस्था और आत्मविश्वास का अद्भुत परिचय देते हुए अकेले बाइक से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा शुरू कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 14 जून 2026 को शुरू हुई इस यात्रा के दौरान वह लगभग 3000 किलोमीटर का सफर तय कर उत्तराखंड के विभिन्न प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगी।

कम उम्र में अकेले इतनी लंबी दूरी की बाइक यात्रा पर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन शर्मिला ने अपने दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास के बल पर इस चुनौती को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास जगाना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भरता का संदेश देना भी है।

शर्मिला ने कहा कि बचपन से ही उन्हें धार्मिक यात्राओं और साहसिक अभियानों में रुचि रही है। उत्तराखंड के पवित्र धामों के दर्शन करने की इच्छा लंबे समय से उनके मन में थी, जिसे अब उन्होंने साकार करने का निर्णय लिया है। यात्रा पर निकलने से पहले उन्होंने अपने परिवार और बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया।

शर्मिला की इस पहल को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों, मित्रों और परिजनों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, वहीं शर्मिला ने भी यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई लक्ष्य बड़ा नहीं होता।

उनकी यह यात्रा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। आस्था, साहस और संकल्प के साथ शुरू हुई यह धार्मिक बाइक यात्रा न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश भी दे रही है। ऐसी पहलें निश्चित रूप से अन्य युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।

 
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Author
Rajendra Harsh
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