रेल सफर में मदद का हाथ, आरपीएफ ने निभाया अपनों-सा साथ
- Posted on 28 अक्टूबर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। ट्रेन में सफर के दौरान बैग या मोबाइल छूट जाए तो यात्री की चिंता बढ़ जाती है। वहीं, स्टेशन की भीड़ में कोई बच्चा अपनों से बिछड़ जाए तो परिवार की बेचैनी का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ऐसे समय में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे में बीते एक माह के दौरान आरपीएफ ने 146 मामलों में यात्रियों का छूटा सामान लौटाया, जबकि 70 बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाया। रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करने पर एक माह में 1407 मामले दर्ज किए गए। इनमें 1330 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 3 लाख 43 हजार 300 रुपए जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 15 लोगों को गिरफ्तार कर 99 हजार रुपए की रेल संपत्ति बरामद की गई। धूम्रपान, गंदगी फैलाने और ट्रेन की छत या पायदान पर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
जोधपुर। ट्रेन में सफर के दौरान बैग या मोबाइल छूट जाए तो यात्री की चिंता बढ़ जाती है। वहीं, स्टेशन की भीड़ में कोई बच्चा अपनों से बिछड़ जाए तो परिवार की बेचैनी का अंदाजा लगाना मुश्किल है। ऐसे समय में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मदद यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे में बीते एक माह के दौरान आरपीएफ ने 146 मामलों में यात्रियों का छूटा सामान लौटाया, जबकि 70 बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को सुरक्षित उनके परिजनों या संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, महाप्रबंधक पंकज शर्मा के मार्गदर्शन और आरपीएफ महानिरीक्षक सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ज्योति कुमार सतीजा के नेतृत्व में सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा, रेल संपत्ति की रक्षा और जरूरतमंदों की सहायता में जुटा है।
सीसीटीवी से पकड़े चोर, मोबाइल बरामद
सूरतगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के दो मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी तक पहुंचकर दोनों मोबाइल बरामद कर लिए। इसके अलावा यात्रियों के सामान की चोरी के 24 अन्य मामलों में भी आरोपियों को पकड़ा गया। जोधपुर मंडल में ओवरहेड बिजली के तार चोरी के दो बड़े मामलों का खुलासा कर रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की गई।
‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान से मिली सुरक्षा
स्टेशन और ट्रेनों में अपनों से बिछड़े बच्चों तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आरपीएफ ने तत्परता दिखाई। एक माह में 70 बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को उनके परिजनों, गैर सरकारी संगठनों या पुलिस के सुपुर्द किया गया। ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत भटके बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिलाने और उन्हें संभावित शोषण व तस्करी से बचाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नियम तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई
रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करने पर एक माह में 1407 मामले दर्ज किए गए। इनमें 1330 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर 3 लाख 43 हजार 300 रुपए जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 15 लोगों को गिरफ्तार कर 99 हजार रुपए की रेल संपत्ति बरामद की गई। धूम्रपान, गंदगी फैलाने और ट्रेन की छत या पायदान पर यात्रा करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
आरपीएफ की इन कोशिशों से रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ मदद और संवेदनशीलता का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
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