रक्षाबंधन पर दीक्षा ओझा ने बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को बांधी राखी

जोधपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जोधपुर में धार्मिक आस्था और भाई-बहन के स्नेह का अनूठा संगम देखने को मिला। दीक्षा ओझा ने हर वर्ष की परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को श्रद्धापूर्वक राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। रक्षाबंधन के अवसर पर दीक्षा ओझा ने सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर उन्हें राखी अर्पित की और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। पूजा के दौरान घर का वातावरण भक्तिमय नजर आया।

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जोधपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जोधपुर में धार्मिक आस्था और भाई-बहन के स्नेह का अनूठा संगम देखने को मिला। दीक्षा ओझा ने हर वर्ष की परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को श्रद्धापूर्वक राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया।

रक्षाबंधन के अवसर पर दीक्षा ओझा ने सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद लड्डू गोपाल का श्रृंगार कर उन्हें राखी अर्पित की और भगवान का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना की। पूजा के दौरान घर का वातावरण भक्तिमय नजर आया।

दीक्षा ओझा ने बताया कि उनके लिए लड्डू गोपाल केवल आराध्य देव नहीं हैं, बल्कि परिवार के एक सदस्य और भाई के समान हैं। इसी भावनात्मक जुड़ाव और श्रद्धा के चलते वह प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के पर्व पर लड्डू गोपाल को राखी बांधती हैं। उनका मानना है कि भगवान के बाल स्वरूप की सेवा और उनसे भाई-बहन जैसा स्नेह रखना उनके जीवन का विशेष हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के बीच प्रेम और रक्षा के संकल्प का पर्व नहीं है, बल्कि यह विश्वास, आत्मीयता और पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करने वाला त्योहार भी है। भगवान लड्डू गोपाल को राखी बांधने की यह परंपरा उनके लिए आध्यात्मिक भावनाओं के साथ-साथ परिवार की खुशहाली और मंगलकामना से जुड़ी हुई है।

इस अवसर पर पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धा और भक्ति से मनाए गए इस रक्षाबंधन पर्व ने धार्मिक आस्था के साथ पारिवारिक प्रेम और भारतीय संस्कारों की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

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Author
Rajendra Harsh
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