प्राचीन विधा नाडी परीक्षा में निष्णात होंगे प्रतिभागी -- कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल
- Posted on 10 फ़रवरी 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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आयुर्वेद की रोग परीक्षा की प्राचीन विधा नाडी परीक्षा में निष्णात होंगे प्रतिभागी -- कुलगुरु प्रोफेसर शुक्लनाडी परीक्षा को निरंतर अभ्यास से युगानुरूप संदर्भ में समझना आवश्यक शुक्लनाड़ी परीक्षण प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम” के सात दिवसीय हैंड्स ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह सम्पन्न।
स्नातकोत्तर क्रिया शारीर विभाग , पोस्ट ग्रेजुएशन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद , डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा “एक माह का सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम” के हैंड्स ओंन ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह दिनांक 10 फ़रवरी 2026 को सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के अभिनंदन से हुई। पाठ्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर (डॉ.) दिनेश चंद्र शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। इसके पश्चात प्रतिभागियों द्वारा आत्म-परिचय दिया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल,कुलगुरु , आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर ने की।
उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि इस ट्रेनिंग द्वारा प्रतिभागी नाडी परीक्षण में प्रशिक्षित होकर चिकित्सा में पारंगत हो सकेंगे।
नाड़ी परीक्षण की ऑफलाइन हैंड्स ऑन ट्रेनिंग कार्यक्रम में सोलापुर महाराष्ट्र से आए हुए प्रोफेसर डॉ शिल्पा यर्मे ने नाडी परीक्षण की बारीकियों को बताते हुए रोग निदान परीक्षण में नाडी की भूमिका पर प्रायोगिक कर्मभ्यास करवाया।
15 जनवरी से 14 फ़रवरी 2026 तक आयोजित होने वाले एक माह के सेमी-ऑनलाइन नाड़ी परीक्षण प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम” में देश भर के विभिन्न राज्यों उत्तराखंड,छतीसगढ़,दिल्ली, हरियाणा एवं राजस्थान के 31 प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अंत में प्रो. (डॉ.) चंदन सिंह, प्राचार्य एवं निदेशक, पी.जी.आई.ए., जोधपुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत
प्रो. (डॉ.) मेहेंद्र कुमार शर्मा, प्रो. (डॉ.) गोविंद गुप्ता,प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र सिंह चहार , प्रो. (डॉ.) रितु कपूर, डॉ. मनोज कुमार अदलखा, प्रो. (डॉ.) हरीश कुमार सिंघल एवं क्रिया शारीर एवं अन्य विभागों के विभाग के समस्त पी.जी. विद्यार्थी उपस्थित रहे ।
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