नारी राष्ट्र का स्वाभिमान और समाज की प्रेरणा : लता पंड्या
- Posted on 12 अक्टूबर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत सरदारपुरा स्थित गांधी मैदान से विराट पथ संचलन निकाला गया। घोष की ताल पर अनुशासित कदमताल करती महिलाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर मातृशक्ति का स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. सुगंधा गोयल ने रानी लक्ष्मीबाई, माता जीजाबाई, पन्नाधाय और अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, संस्कार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। प्रांत संयोजिका विनीता तनवानी ने कहा कि नारी शिक्षित, संस्कारित, संगठित और आत्मनिर्भर होने के साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग भी हो। बेटियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल सुरक्षा और कानून की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।
जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद की महिला इकाई दुर्गा वाहिनी मातृशक्ति की ओर से श्रद्धेय अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के तहत सरदारपुरा स्थित गांधी मैदान से विराट पथ संचलन निकाला गया। घोष की ताल पर अनुशासित कदमताल करती महिलाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर मातृशक्ति का स्वागत किया।
दुर्गा वाहिनी संयोजिका ऐश्वर्या बागड़ी ने बताया कि कार्यक्रम में साध्वी ज्योति मां का सानिध्य रहा। मुख्य अतिथि डॉ. सुगंधा गोयल, मुख्य वक्ता राजस्थान क्षेत्र संयोजिका लता पंड्या तथा विशिष्ट अतिथि प्रांत संयोजिका विनीता तनवानी और कुसुम थवानी रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष संगीता मित्तल ने की।
नारी शक्ति जागरण और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक है पथ संचलन
मुख्य वक्ता लता पंड्या ने कहा कि पथ संचलन केवल सड़कों पर कदमताल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारी शक्ति के जागरण, अनुशासन, संगठन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की शक्ति भी है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और सामर्थ्य का उल्लेख करते हुए महिलाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सुगंधा गोयल ने रानी लक्ष्मीबाई, माता जीजाबाई, पन्नाधाय और अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, संस्कार, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।
प्रांत संयोजिका विनीता तनवानी ने कहा कि नारी शिक्षित, संस्कारित, संगठित और आत्मनिर्भर होने के साथ अपनी सुरक्षा के प्रति सजग भी हो। बेटियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, डिजिटल सुरक्षा और कानून की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।
प्रमुख मार्गों से निकला संचलन
प्रांत सह संयोजिका प्रेक्षा रामावत ने बताया कि संचलन गांधी मैदान से शुरू होकर सी रोड, भेरू बाग, जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग और बी रोड होते हुए पुनः मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विहिप के मानाराम विश्नोई, राजेश पटेल, भुवनेश खानालिया, सुरेंद्र प्रजापत, बाबूलाल प्रजापत, प्रकाश कुमावत, जिला अध्यक्ष सुरेश अयानी और मंत्री तरुण सोतवाल सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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