लैंडस्लाइड के बाद मुंबई-पुणे ट्रेन सेवा ठप,

मुंबई। लगातार बारिश के बीच हुए लैंडस्लाइड ने मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल और सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सेंट्रल रेलवे ने सुरक्षा को देखते हुए भोर घाट सेक्शन में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर मलबा आने और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार भूस्खलन का खतरा बने रहने के कारण यह फैसला लिया गया है। सेंट्रल रेलवे ने बताया कि प्रभावित सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। रेलवे की इंजीनियरिंग और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचकर ट्रैक से मलबा हटाने और स्थिति का आकलन करने में जुटी हैं।

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मुंबई। लगातार बारिश के बीच हुए लैंडस्लाइड ने मुंबई-पुणे मार्ग पर रेल और सड़क यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सेंट्रल रेलवे ने सुरक्षा को देखते हुए भोर घाट सेक्शन में ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर मलबा आने और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार भूस्खलन का खतरा बने रहने के कारण यह फैसला लिया गया है।

सेंट्रल रेलवे ने बताया कि प्रभावित सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। रेलवे की इंजीनियरिंग और आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर पहुंचकर ट्रैक से मलबा हटाने और स्थिति का आकलन करने में जुटी हैं। ट्रैक की पूरी तरह जांच और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही रेल संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।

इधर, सड़क मार्ग भी इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ है। टनल-2 के पास हुए लैंडस्लाइड के बाद खोपोली-कुसगांव मिसिंग लिंक के पुणे से मुंबई जाने वाले कैरिजवे पर यातायात को एहतियातन डायवर्ट कर दिया गया है। संबंधित एजेंसियां वैकल्पिक मार्गों के जरिए वाहनों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, भारी वाहनों और लंबी दूरी के यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले रेलवे, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट अवश्य देखें। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन बहाल किया जाएगा। वहीं, राहत एवं बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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