मंडोर थाने में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता कार्यक्रम

जोधपुर। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने और आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को मंडोर थाना परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से चलाए जा रहे भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के तहत किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व एसीबी एसयू जोधपुर के निरीक्षक उमेश विश्नोई ने किया। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार समाज और व्यवस्था दोनों के लिए घातक है।

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जोधपुर। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने और आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को मंडोर थाना परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से चलाए जा रहे भ्रष्टाचार मुक्त अभियान के तहत किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व एसीबी एसयू जोधपुर के निरीक्षक उमेश विश्नोई ने किया। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार समाज और व्यवस्था दोनों के लिए घातक है। इसे समाप्त करने के लिए केवल सरकारी एजेंसियों के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

निरीक्षक विश्नोई ने स्पष्ट कहा कि रिश्वत लेना और रिश्वत देना, दोनों ही कानूनन अपराध हैं। यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों की तुरंत सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को देनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने लोगों को एसीबी की हेल्पलाइन 1064 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति इस नंबर पर फोन कर रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम आवश्यक जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करती है।

कार्यक्रम के दौरान भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि भ्रष्टाचार न केवल विकास कार्यों को प्रभावित करता है, बल्कि आमजन का सरकारी व्यवस्था पर विश्वास भी कमजोर करता है। इसलिए सभी नागरिकों का दायित्व है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं और किसी भी परिस्थिति में रिश्वत का सहारा न लें।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण में सहयोग देने तथा आमजन को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। एसीबी अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक भ्रष्टाचार विरोधी संदेश पहुंच सके।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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