मंडोर के प्रसिद्ध काला-गोरा भेरूजी मंदिर पर लगाया ताला

जोधपुर। मंडोर गार्डन स्थित प्रसिद्ध काला-गोरा भेरूजी मंदिर में पूजा-अर्चना के अधिकार को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। विवाद बढ़ने पर मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एहतियातन मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया। जानकारी के अनुसार, मंदिर में पूजा के अधिकार और धार्मिक परंपराओं को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच मतभेद चल रहा था। शुक्रवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।

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जोधपुर। मंडोर गार्डन स्थित प्रसिद्ध काला-गोरा भेरूजी मंदिर में पूजा-अर्चना के अधिकार को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। विवाद बढ़ने पर मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एहतियातन मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया।

जानकारी के अनुसार, मंदिर में पूजा के अधिकार और धार्मिक परंपराओं को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच मतभेद चल रहा था। शुक्रवार को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।

काला-गोरा भेरूजी मंदिर मंडोर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां जोधपुर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से नवविवाहित जोड़े वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना के लिए तथा कई परिवार बच्चों के मुंडन संस्कार के लिए इस मंदिर में आते हैं। ऐसे में मंदिर पर ताला लगने से श्रद्धालुओं को निराशा का सामना करना पड़ा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से मंदिर को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की नजर बनी हुई है और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

प्रशासन दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आपसी सहमति या सक्षम न्यायिक एवं प्रशासनिक निर्णय के बाद ही मंदिर को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजन होते रहे हैं। ऐसे में वे जल्द से जल्द विवाद का समाधान कर मंदिर में सामान्य रूप से पूजा-अर्चना शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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