जोधपुर। चंद्रभूषण अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से न केवल मृतका के परिजन बल्कि मारवाड़ राजपूत सभा सहित विभिन्न समाज संगठनों में भी गहरा रोष व्याप्त हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समाजजन और मृतका के परिजन अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए और विरोध जताया। हालात को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। समाजजनों का कहना था कि यदि समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान आवश्यक सावधानियां नहीं बरती गईं, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई।
बढ़ते तनाव के बीच अस्पताल प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और समाज प्रतिनिधियों के बीच वार्ता आयोजित की गई। लंबी चर्चा के बाद प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया। समाजजनों के दबाव और मांग को ध्यान में रखते हुए महिला की मौत के मामले में पोस्टमार्टम बोर्ड का गठन करने पर सहमति बनी। तय किया गया कि पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा की गई जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वार्ता के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन को भी जांच में पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
पोस्टमार्टम बोर्ड गठित होने और निष्पक्ष जांच का भरोसा मिलने के बाद मृतका के परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान बरती जाने वाली चिकित्सकीय सतर्कता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
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