बाथरूम में बैठा मिला तेंदुआ
- Posted on 6 जुलाई 2026
- खास
- By Rajendra Harsh
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के बाथरूम में तेंदुआ बैठा मिला। सुबह घर का एक सदस्य रोज की तरह बाथरूम में गया तो अंदर तेंदुए को देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत पीछे हटकर दरवाजा बंद किया और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। देखते ही देखते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। एहतियात के तौर पर लोगों को घर से दूर रहने और तेंदुए के पास न जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम को सूचना दी गई, जो आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची।
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के बाथरूम में तेंदुआ बैठा मिला। सुबह घर का एक सदस्य रोज की तरह बाथरूम में गया तो अंदर तेंदुए को देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत पीछे हटकर दरवाजा बंद किया और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। देखते ही देखते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। एहतियात के तौर पर लोगों को घर से दूर रहने और तेंदुए के पास न जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम को सूचना दी गई, जो आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची।
वन विभाग के अधिकारियों ने पहले पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कराया, ताकि कोई भी व्यक्ति तेंदुए के संपर्क में न आए। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित काबू में लेकर पिंजरे में बंद किया गया। राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और तेंदुए को भी बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
प्रारंभिक अनुमान है कि तेंदुआ भोजन या सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जंगल से भटककर रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया और खुले रास्ते से घर के बाथरूम में घुस गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी इलाके में जंगली जानवर दिखाई दे तो घबराने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना दें और स्वयं उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते शहरी विस्तार और जंगलों में मानवीय गतिविधियों के कारण जंगली जानवरों का आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचना बढ़ा है। ऐसे मामलों में सतर्कता और त्वरित सूचना ही सबसे प्रभावी उपाय है। रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने तेंदुए की स्वास्थ्य जांच कर उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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