जोधपुर पश्चिम पुलिस की नशा मुक्ति मुहिम

जोधपुर, 31 जुलाई। जोधपुर पश्चिम पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान को जनसहभागिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस थाना बासनी परिसर में जागरूकता बैठक का आयोजन किया। पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम श्रीमती कमल शेखावत के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में विभिन्न थाना क्षेत्रों के करीब 150 चाय की थड़ी एवं ढाबा संचालकों ने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित संचालकों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं दंडात्मक कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया।

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जोधपुर, 31 जुलाई। जोधपुर पश्चिम पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान को जनसहभागिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस थाना बासनी परिसर में जागरूकता बैठक का आयोजन किया। पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम श्रीमती कमल शेखावत के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में विभिन्न थाना क्षेत्रों के करीब 150 चाय की थड़ी एवं ढाबा संचालकों ने भाग लिया।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम प्रवीण कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त पश्चिम तथा थाना प्रभारी बासनी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को नशे की लत से बचाना तथा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध आमजन की भागीदारी को मजबूत बनाना था।

पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित संचालकों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं दंडात्मक कार्रवाई के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया।

बैठक में संचालकों से अपील की गई कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन, बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बढ़ावा न दें। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हो या मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

अधिकारियों ने कहा कि चाय की थड़ियां और ढाबे ऐसे स्थान हैं जहां बड़ी संख्या में आमजन और युवा नियमित रूप से आते हैं। ऐसे में इन प्रतिष्ठानों के संचालक समाज को नशा मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनकी सतर्कता से न केवल युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है, बल्कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

पुलिस ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, सेवन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि समाज और पुलिस की संयुक्त सहभागिता से ही नशा मुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण का निर्माण संभव है।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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