जोधपुर में गुलजग इंडस्ट्रीज में गैस रिसाव की मॉक ड्रिल

जोधपुर। शहर में औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को गुलजग इंडस्ट्रीज में गैस रिसाव को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में किया गया, जिसमें पुलिस, प्रशासन और विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

 

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जोधपुर में गुलजग इंडस्ट्रीज में गैस रिसाव की मॉक ड्रिल, आपात तैयारियों की परखी गई क्षमता

जोधपुर। शहर में औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से शुक्रवार को गुलजग इंडस्ट्रीज में गैस रिसाव को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में किया गया, जिसमें पुलिस, प्रशासन और विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

मॉक ड्रिल के दौरान गुलजग इंडस्ट्रीज परिसर में गैस रिसाव की सूचना प्रसारित की गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। एडीसीपी रोशन मीणा और एसीपी रविंद्र बोथरा सबसे पहले मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ एसीपी अनिल शर्मा सहित विभिन्न थानों के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई।

ड्रिल के तहत दमकल विभाग, एंबुलेंस सेवाएं और अन्य आपातकालीन टीमें भी तुरंत मौके पर पहुंचीं। गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी साधनों का उपयोग किया गया। प्रशिक्षित कर्मियों ने तय मानकों के अनुसार रिसाव स्थल को सील किया और खतरे को फैलने से रोका। इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से कुछ ही मिनटों में पूरे औद्योगिक परिसर को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से खाली कराया गया।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य गैस रिसाव जैसी संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और रिस्पांस टाइम की जांच करना था। अभ्यास के दौरान पुलिस, प्रशासन, दमकल, चिकित्सा और औद्योगिक सुरक्षा इकाइयों की प्रतिक्रिया समय को नोट किया गया, ताकि भविष्य में वास्तविक आपात स्थिति में और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने मॉक ड्रिल को सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यासों से न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों की तैयारियों का आकलन होता है, बल्कि आमजन और उद्योगों में भी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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