भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत जोधपुर में किरायेदार व घरेलू कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य

जोधपुर। पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 की धारा 163 के तहत आदेश क्रमांक 1715, दिनांक 25 जून 2026 के अनुसार पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में मकान मालिकों, संस्थानों के संचालकों और प्रतिष्ठान स्वामियों के लिए किरायेदारों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने घर या संस्थान में सहायक, किरायेदार, घरेलू नौकर, ड्राइवर, चौकीदार, निजी कर्मचारी, सेल्समैन अथवा अन्य किसी व्यक्ति को नियोजित करता है,


जोधपुर। पुलिस आयुक्तालय जोधपुर ने आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS)-2023 की धारा 163 के तहत आदेश क्रमांक 1715, दिनांक 25 जून 2026 के अनुसार पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में मकान मालिकों, संस्थानों के संचालकों और प्रतिष्ठान स्वामियों के लिए किरायेदारों एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

आदेश के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपने घर या संस्थान में सहायक, किरायेदार, घरेलू नौकर, ड्राइवर, चौकीदार, निजी कर्मचारी, सेल्समैन अथवा अन्य किसी व्यक्ति को नियोजित करता है, तो उसे संबंधित व्यक्ति की पूर्ण व्यक्तिगत एवं प्रमाणिक जानकारी अपने पास सुरक्षित रखनी होगी। इसमें मोबाइल नंबर, अधिकृत पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल होंगे।

इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन स्थानीय पुलिस थाने अथवा राजकॉप सिटीजन ऐप के "Verification Tenant/Servant" फीचर के माध्यम से कराना अनिवार्य होगा। यह सत्यापन नियुक्ति या किरायेदारी शुरू होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर कराया जाना आवश्यक है।

पुलिस आयुक्तालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी किरायेदार, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होती हैं, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित पुलिस थाने को देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होगी।

इस आदेश की व्यापक जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए पुलिस आयुक्तालय ने मीडिया एवं प्रेस के माध्यम से सार्वजनिक सूचना जारी की है। साथ ही शहर के सभी पुलिस थानों, बीट कांस्टेबलों, सीएलजी सदस्यों, शांति समिति के सदस्यों और पुलिस मित्रों के सहयोग से घर-घर जाकर लोगों को इस आदेश की जानकारी दी जाएगी तथा उन्हें पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाएगा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और शहर की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। पुलिस ने सभी मकान मालिकों एवं संस्थान संचालकों से निर्धारित समयसीमा के भीतर पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने और आदेश का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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