जूनी मंडी स्वास्थ्य केंद्र पर एचपीवी टीकाकरण

जोधपुर। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) जूनी मंडी में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान आयोजित किया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं जोनल अधिकारी (शहर परकोटा) डॉ. अविनाश हर्ष के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना था। अभियान के दौरान पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की डोज दी गई। साथ ही उनके अभिभावकों को भी टीकाकरण के महत्व और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

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जोधपुर। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) जूनी मंडी में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान आयोजित किया गया। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं जोनल अधिकारी (शहर परकोटा) डॉ. अविनाश हर्ष के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना था।

अभियान के दौरान पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की डोज दी गई। साथ ही उनके अभिभावकों को भी टीकाकरण के महत्व और इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है और समय पर लगाया गया टीका इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।

इस अवसर पर एएनएम एवं एलएचवी दीक्षा ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी पात्र बेटियों का निर्धारित आयु में टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनका बचाव हो सके।

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश हर्ष ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए नियमित रूप से टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है और समय पर टीकाकरण से हजारों महिलाओं को भविष्य में इस बीमारी से बचाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया तथा टीकाकरण से जुड़े भ्रमों को दूर करते हुए वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी पात्र बालिकाओं के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराकर उन्हें स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य प्रदान करें।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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