जोजरी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए RSPCB की बड़ी कार्रवाई

जोधपुर। जोजरी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने और पर्यावरणीय कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) ने जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। मंडल की संयुक्त टीम ने ग्राम सोइंतरा और चांचलवा में अवैध रूप से संचालित दो टेक्सटाइल इकाइयों को ध्वस्त कर मशीनरी नष्ट कर दी। साथ ही विद्युत कनेक्शन भी विच्छेदित किए गए। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर ग्रामीण, उपखंड प्रशासन शेरगढ़ और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों गांवों में औचक निरीक्षण किया।

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जोधपुर। जोजरी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने और पर्यावरणीय कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) ने जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। मंडल की संयुक्त टीम ने ग्राम सोइंतरा और चांचलवा में अवैध रूप से संचालित दो टेक्सटाइल इकाइयों को ध्वस्त कर मशीनरी नष्ट कर दी। साथ ही विद्युत कनेक्शन भी विच्छेदित किए गए।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय जोधपुर ग्रामीण, उपखंड प्रशासन शेरगढ़ और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों गांवों में औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई माननीय उच्चतम न्यायालय के जोजरी नदी को प्रदूषणमुक्त रखने संबंधी निर्देशों की पालना और पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत की गई।

क्षेत्रीय अधिकारी जगदीश चौधरी ने बताया कि जिला कलक्टर कार्यालय और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड कमेटी से प्राप्त शिकायत के आधार पर ग्राम सोइंतरा स्थित खसरा संख्या 422 में निरीक्षण किया गया। यहां गोविन्द सिंह पुत्र नरपत सिंह की भूमि पर 12 जिगर, कपड़ा धुलाई के हौद और अन्य टेक्सटाइल प्रसंस्करण मशीनरी संचालित मिली। जांच में सामने आया कि इकाई से निकलने वाला प्रदूषित अपशिष्ट जल बिना उपचार खुले भू-भाग में छोड़ा जा रहा था। इससे आसपास के पर्यावरण और भूजल के प्रदूषित होने की आशंका थी।

जांच के दौरान यह इकाई बालोतरा निवासी अलादीन द्वारा संचालित होना पाया गया। टीम ने मौके पर ही प्लांट और मशीनरी को ध्वस्त कर दिया तथा विद्युत कनेक्शन काट दिया।

इसी तरह बालेसर उपखंड के ग्राम चांचलवा स्थित खसरा संख्या 153 में अवैध कपड़ा रंगाई के लिए बनाए गए हौद और अडान को भी ध्वस्त किया गया। भूमि नरेंद्र सिंह पुत्र करनीदान के नाम दर्ज है, जबकि गतिविधि अब्दुल मोहम्मद द्वारा किराये पर लेकर संचालित की जा रही थी।

चौधरी ने कहा कि जोजरी नदी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषणकारी गतिविधियों के खिलाफ निगरानी, औचक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बिना वैध सहमति संचालित औद्योगिक इकाइयों और पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित पर्यावरणीय कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित खातेदारों के विरुद्ध राजस्व विभाग के माध्यम से खातेदारी अधिकार निरस्तीकरण की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी।

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Author
Rajendra Harsh
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