568वें जोधपुर स्थापना दिवस पर पत्रकारों, कलाकारों और विशिष्ट जनों का सम्मान
- Posted on 27 जून 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर, 26 जून। लोक संगीत माड़ शोध संस्थान द्वारा जोधपुर का 568वां स्थापना दिवस निर्जला एकादशी के अवसर पर चंद्रा इंपीरियल में श्रद्धा, संस्कृति और सम्मान के साथ मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास रहे। इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'संचार सेवा श्री सम्मान' के अंतर्गत पत्रकारों एवं मीडिया जगत से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। साथ ही 'मीरा भक्ति सरोवर संध्या' में भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
जोधपुर, 26 जून। लोक संगीत माड़ शोध संस्थान द्वारा जोधपुर का 568वां स्थापना दिवस निर्जला एकादशी के अवसर पर चंद्रा इंपीरियल में श्रद्धा, संस्कृति और सम्मान के साथ मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास रहे। इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 'संचार सेवा श्री सम्मान' के अंतर्गत पत्रकारों एवं मीडिया जगत से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया। साथ ही 'मीरा भक्ति सरोवर संध्या' में भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
संस्थान के सचिव सुमनेश व्यास ने बताया कि प्रिंट मीडिया श्रेणी में सुरेश व्यास, एम.आर. मलकानी, सैयद मुनव्वर अली, मनीष चौपड़, रजनीश छंगाणी, डॉ. राकेश वशिष्ठ, मनोज बोहरा, संगीत बोहरा, दिलीप पुरोहित एवं सुमेर सिंह चूंडावत अयोध्या प्रसाद गौड़, उदय पुरोहित, सुनील चारण एवं राजेश त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पदम मेहता को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से अलंकृत किया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में चन्द्रशेखर व्यास, शिव प्रकाश पुरोहित, राज वैष्णव एवं मनोज गिरी गोस्वामी को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में 'गुरु गोविंद कल्ला संगीत सेवा श्री सम्मान' के अंतर्गत गणपत जोशी-गणेश जोशी की जोड़ी, अजय करण जोशी तथा बाल कलाकार संजीवनी पुरोहित को संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। वहीं बैंकिंग एवं विधिक सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वैभव पुरोहित को सम्मान प्रदान किया गया।
संस्थान के अध्यक्ष आनंद प्रकाश कल्ला ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि संस्थान पिछले 44 वर्षों से तिथि के अनुसार जोधपुर स्थापना दिवस पर 'मीरा भक्ति सरोवर संध्या' का आयोजन करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का माध्यम है। प्रतिवर्ष जोधपुर का नाम करने वाले किसी विशेष क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान किया जाता है इस वर्ष पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जगदीश हर्ष के नेतृत्व एवं संगीत निर्देशन में भक्तिमय प्रस्तुतियां दी गईं। सरस्वती वंदना से प्रारंभ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में मीरा के भजनों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। 'ऐसी लागी लगन' सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। गणपत-गणेश जोशी की जोड़ी ने गणेश वंदना, गुरु वंदना तथा कृष्ण और शिव भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।
मुख्य अतिथि गोपाल कृष्ण व्यास ने अपने संबोधन में पत्रकारों को देश की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज और राष्ट्र की चेतना के वाहक हैं तथा उनका सम्मान करना गौरव की बात है। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में गायन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।
पदम मेहता ने लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद राजस्थानी भाषा में संबोधित करते हुए जोधपुर स्थापना दिवस को तिथि के अनुसार मनाने की परंपरा की सराहना की। उन्होंने पत्रकारिता में गुरु गोविंद कल्ला के योगदान को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आर पीएस कल्याण सिंह तथा एस.एम. स्कूल की प्राचार्य डॉ. स्वाति सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रमोद सिंघल ने किया तथा अंत में संस्थान के सचिव सुमनेश व्यास ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।
संस्थान के कोषाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि निर्जला एकादशी एवं जोधपुर स्थापना दिवस के अवसर पर शहरभर में धार्मिक एवं सेवा कार्यों का आयोजन किया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती हुई, विभिन्न स्थानों पर ठंडे पेय एवं फलों का वितरण किया गया तथा जरूरतमंदों को दान-पुण्य किया गया। महिलाओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन और कथा श्रवण कर पर्व को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया। उन्होंने कहा कि शहरवासियों ने जोधपुर स्थापना दिवस को गौरव और उत्साह के साथ मनाकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
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