रोगियों की शिकायतों पर चिकित्सकों का पक्ष भी लें, निष्पक्ष पत्रकारिता की अपील

जोधपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जोधपुर शाखा ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से अपील की है कि चिकित्सकों, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े विवादों या शिकायतों के समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित करने से पहले संबंधित चिकित्सक अथवा अस्पताल का पक्ष भी अवश्य लिया जाए। संगठन का कहना है कि दोनों पक्षों को समान महत्व देने से ही निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता संभव है।


जोधपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जोधपुर शाखा ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से अपील की है कि चिकित्सकों, अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े विवादों या शिकायतों के समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित करने से पहले संबंधित चिकित्सक अथवा अस्पताल का पक्ष भी अवश्य लिया जाए। संगठन का कहना है कि दोनों पक्षों को समान महत्व देने से ही निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता संभव है।

आईएमए जोधपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि कई बार रोगियों या उनके परिजनों द्वारा चिकित्सकों और अस्पतालों के विरुद्ध शिकायतें की जाती हैं। ऐसे मामलों में यदि केवल शिकायतकर्ता का पक्ष प्रकाशित किया जाता है तो संबंधित चिकित्सक एवं स्वास्थ्य संस्थान की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। साथ ही समाज में भ्रम और भय का वातावरण भी बन सकता है।

एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सा से जुड़े अधिकांश मामले अत्यंत जटिल होते हैं, जिनमें चिकित्सकीय, नैतिक और कानूनी पहलू शामिल रहते हैं। ऐसे मामलों की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए दोनों पक्षों को सुनना आवश्यक है। इससे समाचार अधिक तथ्यपरक और विश्वसनीय बनते हैं।

आईएमए ने कहा कि निष्पक्ष, संतुलित और तथ्य आधारित पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव है। समाचारों में चिकित्सकों और अस्पतालों का पक्ष शामिल किए जाने से न केवल पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों का पालन होगा, बल्कि आमजन का मीडिया पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होगा।

एसोसिएशन ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि जनहित और सामाजिक उत्तरदायित्व को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा संबंधी किसी भी विवाद या शिकायत के समाचार प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से पहले संबंधित चिकित्सक या अस्पताल का पक्ष अवश्य लिया जाए। इससे समाज तक सही, संतुलित और तथ्यात्मक जानकारी पहुंचेगी तथा अनावश्यक भ्रम और गलतफहमियों से भी बचा जा सकेगा।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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