IIT जोधपुर की सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब विकसित कर रही स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए स्मार्ट तकनीक
- Posted on 20 अगस्त 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर, 20 अगस्त। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) की सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब ऐसी स्मार्ट तकनीक विकसित कर रही है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में वास्तविक परिस्थितियों में किया जा सके। लैब का फोकस विश्वसनीय, किफायती और बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जा सकने वाली तकनीक तैयार करने पर है। लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर, एज कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को एक साथ जोड़कर ऐसे समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जो सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
जोधपुर, 20 अगस्त। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT जोधपुर) की सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब ऐसी स्मार्ट तकनीक विकसित कर रही है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में वास्तविक परिस्थितियों में किया जा सके। लैब का फोकस विश्वसनीय, किफायती और बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जा सकने वाली तकनीक तैयार करने पर है।
लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर, एज कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को एक साथ जोड़कर ऐसे समाधान विकसित किए जा रहे हैं, जो सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें। इनमें AI आधारित ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में शिक्षा को बेहतर बनाने और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
सॉफ्टवेयर इनोवेशन लैब का नेतृत्व IIT जोधपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सह-आचार्य डॉ. सुमित कालरा कर रहे हैं। लैब का उद्देश्य ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम तैयार करना है, जो केवल शोध और प्रयोगशाला तक सीमित न रहें, बल्कि आम लोगों और संस्थानों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।
डॉ. कालरा के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वास्तविक उपयोगिता केवल स्मार्ट एल्गोरिदम विकसित करने में नहीं है, बल्कि उसे विश्वसनीय, सुलभ और वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करने योग्य बनाने में है। उन्होंने कहा कि लैब का लक्ष्य ऐसे संपूर्ण सॉफ्टवेयर सिस्टम विकसित करना है, जो व्यावहारिक चुनौतियों के बीच भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें और समाज पर ठोस प्रभाव डालें।
लैब के शोध कार्यों में विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है, जहां तकनीकी संसाधन सीमित हैं। एज कंप्यूटिंग और IoT के इस्तेमाल से कम इंटरनेट उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी डेटा प्रोसेसिंग और स्मार्ट सेवाओं को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से IIT जोधपुर का प्रयास अत्याधुनिक तकनीक और सामाजिक जरूरतों के बीच की दूरी कम करना है, ताकि AI और स्मार्ट सॉफ्टवेयर का लाभ केवल तकनीकी रूप से विकसित क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण एवं संसाधन-वंचित क्षेत्रों तक भी पहुंच सके।
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