50 हजार लोगों को साइबर ठगी से बचाने के बाद अब सरकारी कर्मचारियों को जागरूक करने की तैयारी,

जोधपुर। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत एएसडी (ASD) एज्यूकेशन सोसाइटी ने अपने स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अमृता एस. दूदिया ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संस्था ने 50 हजार से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाया है। अब संस्था राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है। सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के अंतर्गत पंजीकृत एएसडी एज्यूकेशन सोसाइटी ने बिना किसी व्यावसायिक लाभ के सामाजिक सेवा के उद्देश्य से डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

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जोधपुर। प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत एएसडी (ASD) एज्यूकेशन सोसाइटी ने अपने स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अमृता एस. दूदिया ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संस्था ने 50 हजार से अधिक लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाया है। अब संस्था राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों को साइबर ठगी से बचाने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है।

सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के अंतर्गत पंजीकृत एएसडी एज्यूकेशन सोसाइटी ने बिना किसी व्यावसायिक लाभ के सामाजिक सेवा के उद्देश्य से डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया है। संस्था का लक्ष्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इतना जागरूक बनाना है कि वह साइबर अपराधियों के जाल में न फंसे।

डॉ. दूदिया ने बताया कि संस्था के सामाजिक अभियान ‘काइंडनेस बूमरैंग’ के माध्यम से हजारों लोगों तक जानकारी, मार्गदर्शन और सहयोग पहुंचाया गया है। इस अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ बिना किसी शुल्क के लोगों को मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। इससे विशेष रूप से उन लोगों को लाभ मिला है, जिनके पास संसाधनों की कमी है।

उन्होंने बताया कि संस्था ने जोधपुर में साइबर पुलिस, पुलिस कमिश्नरेट और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से कई जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और संवाद सत्र आयोजित किए हैं। इसके अलावा भारतीय सेना, पुलिस कर्मियों, कमांडो प्रशिक्षुओं, विद्यार्थियों, व्यापारियों, वन विभाग के अधिकारियों तथा महिला समूहों को भी साइबर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

प्रेस वार्ता में डॉ. दूदिया ने बताया कि वर्तमान में कई सरकारी कर्मचारी फर्जी लिंक, लॉटरी, लोन ऐप और अन्य ऑनलाइन प्रलोभनों के कारण साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसे देखते हुए संस्था ने राजस्थान के सभी सरकारी विभागों में निशुल्क साइबर जागरूकता शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

इस संबंध में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर सहयोग और अनुमति का अनुरोध किया गया है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि उसने किसी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं मांगी है, बल्कि केवल जिला कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए प्रभावी जागरूकता अभियान चलाया जा सके।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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