विश्नोई समाज की महिलाओं ने उत्साह के साथ मनाया सावन महोत्सव

जोधपुर। विश्नोई समाज की महिलाओं की ओर से सावन माह के अवसर पर भव्य सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ विश्नोई समाज की पारंपरिक संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक विरासत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मधु विश्नोई रहींवहीं विशिष्ट अतिथि निर्मला विश्नोई, निर्मला क्रिएशन्स उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की आयोजनकर्ता रामस्नेही डेलू, राजस्थान पुलिस अधिवक्ता शारदा विश्नोई तथा अर्थ अवॉर्डी भंवरी कालिराणा रहीं। अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

WhatsApp Image 2026-08-24 at 8.02.18 PM (1) (1)-fmP2Y7nuhl.jpg

जोधपुर। विश्नोई समाज की महिलाओं की ओर से सावन माह के अवसर पर भव्य सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ विश्नोई समाज की पारंपरिक संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक विरासत की झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मधु विश्नोई रहींवहीं विशिष्ट अतिथि निर्मला विश्नोई, निर्मला क्रिएशन्स उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की आयोजनकर्ता रामस्नेही डेलू, राजस्थान पुलिस अधिवक्ता शारदा विश्नोई तथा अर्थ अवॉर्डी भंवरी कालिराणा रहीं। अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और महिलाओं का उत्साह बढ़ाया।

सावन महोत्सव के दौरान भगवान के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। भक्ति संगीत के बीच महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लिया। कार्यक्रम में गुरु जंभेश्वर भगवान की जीवनी एवं उनके विचारों पर आधारित प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया। प्रश्नोत्तरी में महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इसके अलावा पारंपरिक खेल, लोक नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं। महिलाओं एवं बालिकाओं ने उत्साह के साथ प्रस्तुतियां देकर माहौल को आनंदमय बना दिया। सावन की हरियाली, भक्ति और लोक संस्कृति के रंगों से सजा यह आयोजन समाज की महिलाओं के लिए मनोरंजन के साथ-साथ अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी बना।

आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना और नई पीढ़ी को विश्नोई समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं की प्रतिभा को मंच देने के साथ सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, आयोजकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही समाजहित में भविष्य में भी ऐसे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response