शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 06:39 PM

दिव्य दीपोत्सव की प्रतीक्षा में सजी भव्य राम नगरी

अयोध्या। दीपावली के पावन पर्व को लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में उत्सव और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के स्वागत के लिए संपूर्ण श्रीराम जन्मभूमि परिसर को भव्य एवं आकर्षक रूप से सजाया गया है। आधुनिक विद्युत सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता राम मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर की अलौकिक छटा भक्तों के मन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का संचार कर रही है। दीपावली का पर्व अयोध्या के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर पूरी नगरी को रोशन किया था। उसी परंपरा और आस्था को जीवंत रखते हुए आज भी दीपोत्सव के माध्यम से प्रभु श्रीराम के स्वागत की भव्य तैयारियां की जाती हैं।

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अयोध्या। दीपावली के पावन पर्व को लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में उत्सव और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के स्वागत के लिए संपूर्ण श्रीराम जन्मभूमि परिसर को भव्य एवं आकर्षक रूप से सजाया गया है। आधुनिक विद्युत सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता राम मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर की अलौकिक छटा भक्तों के मन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद का संचार कर रही है।

दीपावली का पर्व अयोध्या के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर पूरी नगरी को रोशन किया था। उसी परंपरा और आस्था को जीवंत रखते हुए आज भी दीपोत्सव के माध्यम से प्रभु श्रीराम के स्वागत की भव्य तैयारियां की जाती हैं।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में की गई आकर्षक सजावट देखते ही बन रही है। मंदिर की भव्य स्थापत्य कला पर पड़ती रोशनी इसकी सुंदरता को और अधिक निखार रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो संपूर्ण राम नगरी प्रभु श्रीराम के स्वागत में दीपों की आभा से सुसज्जित होकर दिव्य स्वरूप धारण कर चुकी है।

दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं, बल्कि यह सत्य की असत्य पर विजय, अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक भी है। यह पर्व हमें मर्यादा, प्रेम, सद्भाव और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है।

इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं से आह्वान है कि वे भी अपने घरों में श्रद्धा का एक दीप प्रज्वलित कर प्रभु श्रीराम का स्वागत करें और दीपावली के इस महापर्व को प्रेम, भाईचारे एवं भक्ति भाव के साथ मनाएं।

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Author
Rajendra Harsh
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