शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 06:38 PM

जोधपुर नगर निगम की स्वच्छता को लेकर अनूठी पहल

जोधपुर। शहर के जलाशयों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से नगर निगम जोधपुर ने एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए पूजन सामग्री एवं निर्माल्य के उचित निस्तारण के लिए विशेष कलश स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल के तहत नगर निगम महापौर श्री प्रसन्नचंद मेहता ने गुरों का तालाब पर 40 विशेष कलशों की स्थापना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से जुड़े पंडित जीवराज श्रीमाली सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों के बाद निकलने वाली पूजन सामग्री के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।

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जोधपुर। शहर के जलाशयों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के उद्देश्य से नगर निगम जोधपुर ने एक सराहनीय पहल की शुरुआत की है। धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए पूजन सामग्री एवं निर्माल्य के उचित निस्तारण के लिए विशेष कलश स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल के तहत नगर निगम महापौर प्रसन्नचंद मेहता ने गुरों का तालाब पर 40 विशेष कलशों की स्थापना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से जुड़े पंडित जीवराज श्रीमाली सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों के बाद निकलने वाली पूजन सामग्री के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।

जलाशयों में नहीं प्रवाहित होगी पूजन सामग्री

इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को पूजन सामग्री, फूल-माला, पत्तियां एवं अन्य धार्मिक अवशेष जलाशयों में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित कलशों में डालने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए शहर के विभिन्न तालाबों एवं जलाशयों पर विशेष कलश स्थापित किए जाएंगे। इससे जलाशयों में धार्मिक सामग्री जमा होने से होने वाले प्रदूषण को रोकने में मदद मिलेगी।

निर्माल्य से तैयार होगी जैविक खाद

इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि कलशों में एकत्रित होने वाली पूजन सामग्री और निर्माल्य को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि उसका उपयोग जैविक खाद तैयार करने में किया जाएगा। इस तरह धार्मिक आस्था से जुड़ी सामग्री का पर्यावरण अनुकूल तरीके से पुनः उपयोग संभव हो सकेगा।

नगर निगम की इस पहल से एक ओर जहां शहर के जलाशयों की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने में सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जैविक खाद के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

महापौर प्रसन्नचंद मेहता की इस पहल को स्वच्छ एवं हरित जोधपुर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों की सहभागिता से धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाना है। यह पहल लोगों को संदेश देती है कि आस्था के साथ प्रकृति और जलस्रोतों की रक्षा करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है।

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Author
Rajendra Harsh
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