जमादार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते एसीबी ने किया ट्रैप

जयपुर, 2 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम जयपुर के हवामहल-आमेर जोन की पट्टा/लीज शाखा में कार्यरत कार्यालय जमादार रामसिंह यादव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर मकान का पट्टा जारी कराने की एवज में परिवादी से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।  एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि जयपुर नगर तृतीय इकाई को शिकायत मिली थी कि परिवादी के पिता के नाम मकान का पट्टा जारी करने के बदले आरोपी रामसिंह यादव दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है


जयपुर, 2 जुलाई। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम जयपुर के हवामहल-आमेर जोन की पट्टा/लीज शाखा में कार्यरत कार्यालय जमादार रामसिंह यादव को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर मकान का पट्टा जारी कराने की एवज में परिवादी से दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।

एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि जयपुर नगर तृतीय इकाई को शिकायत मिली थी कि परिवादी के पिता के नाम मकान का पट्टा जारी करने के बदले आरोपी रामसिंह यादव दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

उप महानिरीक्षक (द्वितीय) ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व तथा उप अधीक्षक पुलिस सुरेन्द्र पंचौली सहित टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को नगर निगम हवामहल-आमेर जोन स्थित पट्टा/लीज शाखा कार्यालय में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में शिकायत के अनुरूप रिश्वत मांगने के आरोप सामने आने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

यह कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में की गई। ब्यूरो अब यह भी जांच कर रहा है कि इस प्रकरण में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं है।

एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत एसीबी की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा वैध कार्य करवाने में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनसहयोग को प्रभावी कार्रवाई की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए एसीबी ने लोगों से बिना भय शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया।

 
 
0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response