विजयादशमी पर फतेहपोल से निकली श्रीराम की सवारी
- Posted on 20 अक्टूबर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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विजयादशमी के पावन अवसर पर फतेहपोल से भगवान श्रीराम की भव्य सवारी निकाली गई। सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने भगवान श्रीराम की सवारी का स्वागत किया और दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक उत्साह और उल्लास के बीच निकली सवारी ने शहर में दशहरे के पर्व की रौनक बढ़ा दी। श्रीराम की सवारी में शामिल विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कलाकारों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक शस्त्रों के साथ शानदार प्रदर्शन किया। उनके कौशल, साहस और संतुलन को देखकर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। अखाड़ों के प्रदर्शन ने सवारी को विशेष आकर्षण प्रदान किया और पारंपरिक युद्धकला की झलक देखने को मिली।
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विजयादशमी के पावन अवसर पर फतेहपोल से भगवान श्रीराम की भव्य सवारी निकाली गई। सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह लोगों ने भगवान श्रीराम की सवारी का स्वागत किया और दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक उत्साह और उल्लास के बीच निकली सवारी ने शहर में दशहरे के पर्व की रौनक बढ़ा दी।
सवारी में भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। सवारी के आगे और पीछे बड़ी संख्या में भक्त भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष से पूरा शहर राममय नजर आया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में सवारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम का स्वागत किया।
अखाड़ों के कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
श्रीराम की सवारी में शामिल विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कलाकारों ने लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक शस्त्रों के साथ शानदार प्रदर्शन किया। उनके कौशल, साहस और संतुलन को देखकर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। अखाड़ों के प्रदर्शन ने सवारी को विशेष आकर्षण प्रदान किया और पारंपरिक युद्धकला की झलक देखने को मिली।
सवारी के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने से मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा। लोगों ने परिवार सहित पहुंचकर भगवान श्रीराम के दर्शन किए। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
फतेहपोल से निकली श्रीराम की सवारी ने श्रद्धालुओं में भक्ति और उत्साह का संचार किया। जय श्रीराम के जयकारों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने विजयादशमी के पर्व को यादगार बना दिया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिला।
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