यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।
- Posted on 17 मार्च 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। 17 मार्च। मथुरा दास माथुर अस्पताल के अस्थि रोग विभाग की ओर से पहली बार यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए की गई, जिससे मरीज को कम समय में राहत मिल सकेगी।
मथुरा दास अस्पताल में पहली बार यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की
जोधपुर। 17 मार्च। मथुरा दास माथुर अस्पताल के अस्थि रोग विभाग की ओर से पहली बार यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए की गई, जिससे मरीज को कम समय में राहत मिल सकेगी।
अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण वैश्य ने बताया कि एक मरीज घुटने में दर्द की समस्या लेकर अस्पताल आया था। जांच के दौरान पाया गया कि घुटने के जोड़ के तीन हिस्सों में से केवल एक हिस्सा (मीडियल टिबियो-फेमोरल भाग) में आर्थराइटिस था, जबकि बाकी दो हिस्से सामान्य स्थिति में थे।
मरीज की कम उम्र और घुटने के लिगामेंट्स की अच्छी स्थिति को देखते हुए पूरे घुटने को बदलने के बजाय केवल प्रभावित हिस्से का ही रिप्लेसमेंट करने का निर्णय लिया गया। इस प्रक्रिया को यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट कहा जाता है।
डॉ. वैश्य ने बताया कि इस तकनीक से मरीज को घुटना लगभग सामान्य जैसा महसूस होता है। साथ ही यह सर्जरी छोटे चीरे से की जाती है, जिसमें रक्तस्राव कम होता है, दर्द कम होता है और ऑपरेशन कम समय में पूरा हो जाता है। ऑपरेशन के बाद मरीज जल्दी चलने-फिरने में सक्षम हो जाता है।
यह सर्जरी डॉ. अरुण वैश्य के नेतृत्व में टीम द्वारा की गई, जिसमें डॉ. देवेंद्र सिंह गोदारा, डॉ. आशीष गौड़, डॉ. सुरेंद्र जाखड़, डॉ. मुकेश धाकड़, डॉ. पूजा सिंह और डॉ. रवि शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ में वलसमा, नारायण जोशी और मुकेश बिश्नोई ने सहयोग किया।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि अस्थि रोग विभाग में समय-समय पर आधुनिक तकनीकों से ऑपरेशन किए जाते हैं। यह सर्जरी राजकीय मेडिकल कॉलेज, जोधपुर में पहली बार संपन्न हुई है।
प्रधानाचार्य डॉ. बी. एस. जोधा ने पूरी टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की उन्नत चिकित्सा सेवाओं से क्षेत्र के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।
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