लोकपाल प्रोफेसर मीता कोटेचा ने विद्यार्थियों से किया संवाद
- Posted on 1 सितम्बर 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
- 39 Views
जोधपुर, 1 सितंबर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में छात्र-छात्राओं की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (PGIA) के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के छात्र शिकायत निवारण विनियम-2023 के तहत किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त लोकपाल प्रोफेसर मीता कोटेचा, पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने।
जोधपुर, 1 सितंबर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में छात्र-छात्राओं की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (PGIA) के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के छात्र शिकायत निवारण विनियम-2023 के तहत किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त लोकपाल प्रोफेसर मीता कोटेचा, पूर्व प्रो-वाइस चांसलर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने।
इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शैक्षणिक विषयों से संबंधित मुद्दे लोकपाल के समक्ष रखे। प्रोफेसर मीता कोटेचा ने विद्यार्थियों की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन्हें शिकायतों के नियमानुसार समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध एवं उचित समाधान विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी बात सीधे विश्वविद्यालय के सक्षम स्तर तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही, ऐसे प्रयास संस्थान में पारदर्शिता और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र हितों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ देखने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को उपयोगी बताया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर गोविन्द सहाय शुक्ल ने कहा कि छात्र हितों का संरक्षण और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का उचित समाधान होने से विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को अपनी शिकायतें एवं सुझाव निर्धारित व्यवस्था के तहत रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में पहल मानी जा रही है।
Write a Response