उदयपुर 2 करोड़ रिश्वतकांड में बड़ी कार्रवाई, SOG के रिश्वतखोर ASP मुकेश सोनी सस्पेंड
- Posted on 7 अक्टूबर 2026
- जयपुर
- By Rajendra Harsh
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उदयपुर। दो करोड़ रुपये के कथित रिश्वत प्रकरण में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी को निलंबित कर दिया है। एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई की। मुकेश सोनी पर उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़े मामले में आरोपियों को राहत देने और कार्रवाई से बचाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपये की रकम लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच के दौरान एसीबी टीम कथित बिचौलिये सज्जन सिंह को लेकर मुकेश सोनी के घर भी पहुंची थी। जांच अधिकारी महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने यहां मौका तस्दीक कराई। जांच में सज्जन सिंह के सोनी के घर आने-जाने और रिश्वत प्रकरण के दौरान मुलाकात करने की बात सामने आई।
उदयपुर। दो करोड़ रुपये के कथित रिश्वत प्रकरण में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी को निलंबित कर दिया है। एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई की। मुकेश सोनी पर उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़े मामले में आरोपियों को राहत देने और कार्रवाई से बचाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिये सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को दो करोड़ रुपये की रकम लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।
मामले की जांच के दौरान एसीबी टीम कथित बिचौलिये सज्जन सिंह को लेकर मुकेश सोनी के घर भी पहुंची थी। जांच अधिकारी महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने यहां मौका तस्दीक कराई। जांच में सज्जन सिंह के सोनी के घर आने-जाने और रिश्वत प्रकरण के दौरान मुलाकात करने की बात सामने आई।
तीन बार बदला था मुलाकात का समय
एसीबी की जांच के अनुसार, 23 सितंबर को रानी रोड पर मुलाकात के लिए मुकेश सोनी ने तीन बार समय बदला। पहले सुबह 10 बजे, फिर दोपहर 1 बजे और बाद में शाम 5 बजे का समय तय हुआ। हालांकि सोनी करीब डेढ़ घंटे की देरी से शाम 6.30 बजे मौके पर पहुंचा। सज्जन सिंह परिवादी निरंजन मोगरा को लेकर महाकालेश्वर मंदिर के पास पहुंचा था। बातचीत के दौरान सोनी ने कथित तौर पर मोबाइल की स्क्रीन पर लिखकर अपनी बात रखी।
तीन दिन में रिश्वत मांग का सत्यापन
एसीबी के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद तीन दिन तक डिजिटल रिकॉर्डिंग के जरिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांग का सत्यापन किया गया। इस दौरान सज्जन सिंह ने परिवादी की दो बार मुकेश सोनी से वॉट्सऐप कॉल पर बातचीत भी कराई। एसीबी ने बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया।
41 भूखंडों की फाइलें जांच के दायरे में
जांच के दौरान सोनी के कार्यालय से नगर निगम से संबंधित 41 भूखंडों की फाइलें भी मिलीं। इनमें कुछ दस्तावेजों पर यूडीए की सील और हस्ताक्षर पाए गए। एसीबी अब इन दस्तावेजों की वास्तविकता और फाइलों में संभावित हेरफेर की भी जांच कर रही है।
यह पूरा मामला उदयपुर के 272 भूखंड प्रकरण से जुड़ा है। आरोप है कि खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके नामांतरण कराए गए और बाद में उन्हें बेच दिया गया। मामले में वर्ष 2022 में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच के दौरान नगर निगम ने 48 पट्टे निरस्त किए थे। प्रकरण में आगे की जांच जारी है।
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