रेल पटरियों पर पत्थर रख ट्रेन संचालन बाधित करने वाले दो किशोर पकड़े

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जालोर-बिशनगढ़ रेल खंड पर रेल पटरियों पर पत्थर रखकर ट्रेन संचालन को बाधित करने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए दो बाल किशोरों को निरुद्ध किया है। दोनों को समझाइश देने के बाद उनके अभिभावकों से बॉन्ड भरवाए गए तथा बाल न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार घटना 15 जून 2026 की है, जब सवारी गाड़ी संख्या 19403 भुज-दिल्ली एक्सप्रेस के निर्धारित मार्ग पर जालोर-बिशनगढ़ रेल खंड के किलोमीटर संख्या 58/1-0 पर रेल पटरियों पर पत्थर रखे गए थे

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जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जालोर-बिशनगढ़ रेल खंड पर रेल पटरियों पर पत्थर रखकर ट्रेन संचालन को बाधित करने और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए दो बाल किशोरों को निरुद्ध किया है। दोनों को समझाइश देने के बाद उनके अभिभावकों से बॉन्ड भरवाए गए तथा बाल न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार घटना 15 जून 2026 की है, जब सवारी गाड़ी संख्या 19403 भुज-दिल्ली एक्सप्रेस के निर्धारित मार्ग पर जालोर-बिशनगढ़ रेल खंड के किलोमीटर संख्या 58/1-0 पर रेल पटरियों पर पत्थर रखे गए थे। इस हरकत से रेल संचालन प्रभावित होने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश की। जांच के दौरान 17 जून को दोनों वांछित बाल किशोरों को निरुद्ध कर पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ट्रेन के आगमन से पहले रेलवे लाइन पर पत्थर रखे थे।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि दोनों किशोरों को उनके कृत्य की गंभीरता से अवगत कराया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं करने की समझाइश दी गई। कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके अभिभावकों से बॉन्ड भरवाए गए तथा उन्हें बाल न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में नियमानुसार कार्रवाई जारी है।

रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए आमजन से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि रेल पटरियों पर किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करना दंडनीय अपराध है, जिससे रेल दुर्घटना होने की आशंका बढ़ जाती है और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

रेलवे ने लोगों से अनुरोध किया है कि यदि कहीं भी रेल पटरियों के आसपास संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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