उम्मेद अस्पताल के ब्लड बैंक परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक

  • Posted on 11 जुलाई 2026
  • खास
  • By Rajendra Harsh
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जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल स्थित ब्लड बैंक परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी ने मरीजों, रक्तदाताओं और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कुत्तों के खुलेआम घूमने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि ब्लड बैंक में आने वाले कई मरीज पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य स्थिति में होते हैं और ऐसे माहौल में आवारा कुत्तों का घूमना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ब्लड बैंक परिसर और उसके आसपास कई आवारा कुत्ते दिनभर डेरा जमाए रहते हैं। रक्तदान करने आने वाले लोग और खून लेने पहुंचे मरीजों के परिजन इनके कारण असहज महसूस करते हैं।

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जोधपुर। शहर के उम्मेद अस्पताल स्थित ब्लड बैंक परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी ने मरीजों, रक्तदाताओं और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कुत्तों के खुलेआम घूमने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि ब्लड बैंक में आने वाले कई मरीज पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य स्थिति में होते हैं और ऐसे माहौल में आवारा कुत्तों का घूमना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ब्लड बैंक परिसर और उसके आसपास कई आवारा कुत्ते दिनभर डेरा जमाए रहते हैं। रक्तदान करने आने वाले लोग और खून लेने पहुंचे मरीजों के परिजन इनके कारण असहज महसूस करते हैं। कई बार कुत्तों के भौंकने और लोगों के पीछे दौड़ने जैसी घटनाओं से भय का माहौल बन जाता है। हालांकि अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन संभावित खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं।

स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि ब्लड बैंक जैसे महत्वपूर्ण विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज, रक्तदाता और उनके परिजन पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में आवारा पशुओं का प्रवेश रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का मानना है कि अस्पताल परिसर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

लोगों ने अस्पताल प्रशासन और नगर निगम से ब्लड बैंक परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने, नियमित निगरानी बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि मरीजों और रक्तदाताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर अस्पताल परिसर को सुरक्षित बनाएगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 
 
 
 
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