स्कूलों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक के आदेश का विरोध, IFWJ ने ADM को सौंपा ज्ञापन
- Posted on 24 अगस्त 2026
- सामान्य समाचार
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय परिसरों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने तथा इसके लिए संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति अनिवार्य किए जाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ), राजस्थान के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि विद्यालयों में जर्जर भवन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की जवाबदेही, मिड-डे मील सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
जोधपुर। राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय परिसरों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने तथा इसके लिए संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति अनिवार्य किए जाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ), राजस्थान के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम जवाहर चौधरी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा कि विद्यालयों में जर्जर भवन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं की कमी, शिक्षकों की जवाबदेही, मिड-डे मील सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में यदि पत्रकारों के लिए मौके की तस्वीरें और वीडियो बनाने से पहले संस्था प्रधान की अनुमति लेना अनिवार्य किया जाता है, तो इससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित हो सकती है।
IFWJ पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकार सरकार के विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता और शासन के बीच लोकतांत्रिक सेतु की भूमिका निभाते हैं। पत्रकारिता का दायित्व केवल सरकारी सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित नहीं है। जनहित से जुड़े मुद्दों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा व्यवस्थाओं में सामने आने वाली कमियों को भी तथ्यात्मक रूप से जनता के सामने रखना पत्रकारिता का महत्वपूर्ण दायित्व है।
ज्ञापन में कहा गया कि फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के लिए पूर्व अनुमति की अनिवार्यता से समाचार संकलन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इससे विद्यालयों की वास्तविक स्थिति, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों और जनहित की समस्याओं को मौके पर दर्ज करने में पत्रकारों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
IFWJ ने शिक्षा विभाग से आदेश पर पुनर्विचार करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही जनहित से जुड़े मामलों में पत्रकारों को स्वतंत्र रूप से तथ्य जुटाने और समाचार संकलन करने की सुविधा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान IFWJ राजस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण मोतीवाल, कोषाध्यक्ष योगेश दवे, सह सचिव सुमेर सिंह चुंडावत, सचिव दीक्षित परिहार, लक्षित दवे, शहर विधानसभा प्रभारी दीपक पुरोहित, माजिद खान, सुमित पुरोहित, नरेंद्र ओझा और देवेश व्यास सहित कई पत्रकार एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
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