सदर बाजार पुलिस की कार्रवाई

जोधपुर। शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस थाना सदर बाजार की टीम ने साइबर ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा (जे.सी.) में भेजा है। साथ ही प्रकरण में पीड़ित को 1,45,753 रुपए की राशि रिफंड भी करवाई गई है।


सदर बाजार पुलिस की कार्रवाई: साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार, 1.45 लाख रुपए रिफंड

जोधपुर। शहर में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस थाना सदर बाजार की टीम ने साइबर ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा (जे.सी.) में भेजा है। साथ ही प्रकरण में पीड़ित को 1,45,753 रुपए की राशि रिफंड भी करवाई गई है।

पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि पुलिस आयुक्त शरत कविराज (IPS) के निर्देशानुसार शहर में साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सदर बाजार थाना पुलिस ने यह महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।

प्रकरण के अनुसार, नई सड़क निवासी हफीजुरहमान ने थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एसबीआई बैंक का अधिकारी बताया। आरोपी ने नेट बैंकिंग चालू कराने के नाम पर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करवाई। इसके बाद उसके एसबीआई बैंक के दो खातों से कुल 4,77,000 रुपए निकाल लिए गए।

मामले में प्रकरण संख्या 04/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। थानाधिकारी माणक राम के निर्देशन में कांस्टेबल ताराचंद ने तकनीकी जांच करते हुए संदिग्ध बैंक खातों का पता लगाया और उन्हें तत्काल होल्ड करवाया। न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित को 1,45,753 रुपए की राशि वापस दिलवाई गई।

जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी गौरव कुमार पनगिरहा पुत्र विष्णु प्रसाद पनगिरहा, निवासी जबलपुर (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस साइबर ठगी गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही अन्य पीड़ितों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।

 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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