संघ के पथ संचलन सामूहिकता, एकता और अनुशासन के प्रतीक
- Posted on 19 अक्टूबर 2026
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को जोधपुर महानगर में विभिन्न स्थानों पर संघ उत्सव आयोजित किए गए। इस अवसर पर शहर के नौ स्थानों से स्वयंसेवकों ने घोष की लय और ताल के साथ कदम मिलाते हुए पथ संचलन निकाले। केशव नगर, चोखा नगर, सरदारपुरा, रातानाडा, पुराना शहर, बागर नगर, माधव नगर और मंडोर नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित संचलनों में स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय दिया। महानगर कार्यवाह भरत जांगिड़ ने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष के बाद 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किए गए।
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जोधपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी उत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को जोधपुर महानगर में विभिन्न स्थानों पर संघ उत्सव आयोजित किए गए। इस अवसर पर शहर के नौ स्थानों से स्वयंसेवकों ने घोष की लय और ताल के साथ कदम मिलाते हुए पथ संचलन निकाले। केशव नगर, चोखा नगर, सरदारपुरा, रातानाडा, पुराना शहर, बागर नगर, माधव नगर और मंडोर नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित संचलनों में स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय दिया।
महानगर कार्यवाह भरत जांगिड़ ने बताया कि संघ अपने शताब्दी वर्ष के बाद 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इसी उपलक्ष्य में विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किए गए।
केशव नगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक विजयानंद ने कहा कि संघ ने शताब्दी वर्ष के दौरान जनजागरण और सतत संपर्क के माध्यम से व्यक्ति से व्यक्ति को जोड़ने का कार्य किया। इसके परिणामस्वरूप युवा पीढ़ी बड़ी संख्या में संघ से जुड़कर राष्ट्रहित में आगे आ रही है। उन्होंने कहा कि संघ का पथ संचलन सामूहिकता, एकता, अनुशासन और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन का आह्वान किया तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया।
सरदारपुरा में विभाग प्रचारक महावीर ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। संघ भी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और व्यक्ति निर्माण के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है।
रातानाडा नगर में पथ संचलन का विशेष आकर्षण द्विधारा संगम रहा। सब्जी मंडी चौराहे पर निर्धारित समय पर दोनों संचलन धाराएं एक साथ मिलीं और संयुक्त रूप से प्रताप संघ स्थान पहुंचकर संपन्न हुईं। इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन में अनुशासन और संगठनात्मक एकता प्रमुख रूप से दिखाई दी।
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