रक्षाबंधन पर यातायात पुलिस का अनूठा कार्यक्रम
- Posted on 27 अगस्त 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
- 43 Views
जोधपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते में सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी के भाव को और मजबूत करने के उद्देश्य से जोधपुर यातायात पुलिस की ओर से अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेडिकल चौराहा पर आयोजित “रक्षा का वचन” कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का संदेश दिया। कार्यक्रम में एडीसीपी ट्रैफिक शालिनी राज भी मौजूद रहीं। इस दौरान यातायात पुलिसकर्मियों ने रक्षाबंधन के पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रखते हुए महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास की भावना को मजबूत करना तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संदेश देना रहा कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तत्पर है।
जोधपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते में सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी के भाव को और मजबूत करने के उद्देश्य से जोधपुर यातायात पुलिस की ओर से अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेडिकल चौराहा पर आयोजित “रक्षा का वचन” कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एडीसीपी ट्रैफिक शालिनी राज भी मौजूद रहीं। इस दौरान यातायात पुलिसकर्मियों ने रक्षाबंधन के पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रखते हुए महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच विश्वास की भावना को मजबूत करना तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संदेश देना रहा कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हर समय तत्पर है।
मेडिकल चौराहा पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन के भावनात्मक महत्व को सुरक्षा के संकल्प से जोड़ा गया। पुलिस की ओर से महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा गया कि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
“रक्षा का वचन” कार्यक्रम के माध्यम से यातायात पुलिस ने समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए पुलिस और समाज दोनों की सहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और बालिकाओं के साथ पुलिस ने संवाद भी किया। उन्हें यातायात नियमों के पालन के साथ-साथ किसी भी तरह की परेशानी अथवा असुरक्षा महसूस होने पर पुलिस की मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा को लेकर विश्वास पैदा करना और पुलिस से संवाद को आसान बनाना भी रहा।
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के संकल्प का पर्व माना जाता है। इसी भावना को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के जरिए एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की। पुलिस का संदेश रहा कि बहनों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस की ओर से यह भी संदेश दिया गया कि महिलाओं और बालिकाओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनकी शिकायतों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगी।
इस अवसर पर यातायात पुलिस की पहल ने रक्षाबंधन के पारंपरिक संदेश को एक नया सामाजिक आयाम दिया। जहां एक ओर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक प्रस्तुत करती हैं, वहीं “रक्षा का वचन” कार्यक्रम में पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराई।
जोधपुर यातायात पुलिस का यह कार्यक्रम आमजन के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्षाबंधन पर सिर्फ राखी नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण और सम्मान देने का भरोसा भी जरूरी है।
रक्षाबंधन पर सिर्फ राखी नहीं, सुरक्षा का भरोसा भी—यही रहा “रक्षा का वचन” कार्यक्रम का संदेश।
Write a Response