बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 10:54 AM

राज्य में पंचायतीराज चुनावों की तैयारियां तेज

जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यदि सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय पर पूरी हो जाती हैं, तो राज्य में सितंबर–अक्टूबर के दौरान पंचायतीराज चुनाव कराए जाने की संभावना है। चुनावी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से संबंधित सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके लिए ओबीसी आयोग द्वारा 10 जुलाई से 23 जुलाई तक राज्यभर में सर्वेक्षण प्रस्तावित है।


जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यदि सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय पर पूरी हो जाती हैं, तो राज्य में सितंबर–अक्टूबर के दौरान पंचायतीराज चुनाव कराए जाने की संभावना है।

चुनावी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से संबंधित सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके लिए ओबीसी आयोग द्वारा 10 जुलाई से 23 जुलाई तक राज्यभर में सर्वेक्षण प्रस्तावित है। आयोग इस दौरान पंचायत स्तर पर जनसंख्या और अन्य आवश्यक आंकड़ों का संकलन करेगा, ताकि आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया को कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पूरा किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर 14 अगस्त तक राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद निर्वाचन आयोग आरक्षण निर्धारण और निर्वाचन क्षेत्रों के अंतिम स्वरूप को लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू करेगा। इसके तहत सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, प्रधान तथा जिला प्रमुख जैसे विभिन्न पदों के लिए आरक्षित एवं सामान्य सीटों का निर्धारण किया जाएगा।

संभावना है कि 15 अगस्त के बाद आरक्षण सूची और सीट निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का रास्ता साफ हो जाएगा। निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, नामांकन, जांच, नाम वापसी और मतदान की तिथियों सहित विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा।

राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने के बाद लंबे समय से चुनाव कराए जाने का इंतजार किया जा रहा है। चुनावों के माध्यम से ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में नए जनप्रतिनिधियों का चयन होगा, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं और स्थानीय प्रशासन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, चुनाव कार्यक्रम की अंतिम घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही की जाएगी। यदि प्रस्तावित समय-सीमा के अनुसार सर्वेक्षण, रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण का कार्य पूरा हो जाता है, तो सितंबर–अक्टूबर में राज्यभर में पंचायतीराज चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं।

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Author
Rajendra Harsh
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