राजस्थान हाईकोर्ट भवन निर्माण अनियमितता मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- Posted on 9 सितम्बर 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के नवीन भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईकोर्ट भवन में निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने के आरोपों की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी वीरेंद्र गर्ग को दस्तयाब कर जोधपुर लाया गया है।पुलिस के अनुसार हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2008 में राजस्थान राज्य आवासन एवं अवसंरचना विकास निगम (आरएसआरडीसी) द्वारा शुरू किया गया था। दिसंबर 2019 में करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा कर भवन उच्च न्यायालय को सौंपा गया था। इसके बाद भवन में कई स्थानों पर निर्माण संबंधी खामियां सामने आने का आरोप है।
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के नवीन भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं के मामले में जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईकोर्ट भवन में निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करने के आरोपों की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी वीरेंद्र गर्ग को दस्तयाब कर जोधपुर लाया गया है।
पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया के निर्देशन, पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के सुपरविजन तथा सहायक पुलिस आयुक्त बोरानाडा हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में 8 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की गई। इस संबंध में थाना कुड़ी भगतासनी में 12 नवंबर 2024 को प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले में धोखाधड़ी, लापरवाही, आपराधिक न्यासभंग और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2008 में राजस्थान राज्य आवासन एवं अवसंरचना विकास निगम (आरएसआरडीसी) द्वारा शुरू किया गया था। दिसंबर 2019 में करीब 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा कर भवन उच्च न्यायालय को सौंपा गया था। इसके बाद भवन में कई स्थानों पर निर्माण संबंधी खामियां सामने आने का आरोप है।
जांच में फॉल्स सीलिंग और डोम की छत गिरने, सिविल अपील कोर्ट तथा बिल अनुभाग की सीलिंग का प्लास्टर गिरने, बारिश के दौरान अदालत कक्षों में पानी आने और रिसाव से जलभराव जैसी घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा कई स्थानों पर छत का प्लास्टर उखड़ने, टाइल्स के निर्माण और सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल सामने आए।
जांच के दौरान आईआईटी जोधपुर, आईआईटी बॉम्बे और पीटी मेस की रिपोर्ट, भवन के नक्शे व डिजाइन, मृदा परीक्षण रिपोर्ट, विद्युत कार्यों के वर्क ऑर्डर, भुगतान बिल, मेजरमेंट बुक, स्टोर लेजर तथा निर्माण से जुड़े अधिकारियों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस ने अनुसंधान के लिए 12 पुलिस और चार साइबर टीमें गठित की हैं। टीमों ने राजस्थान के जयपुर, कोटा और बूंदी सहित नोएडा, गुरुग्राम, पटियाला और हरिद्वार में दबिश दी। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
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