राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी का कहर जारी, अगले 24–48 घंटे भी राहत नहीं
जयपुर। राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी का दौर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 8 जनवरी से अगले 24 से 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहले 9, 10 और 11 जनवरी के दौरान बारिश की जो संभावना जताई जा रही थी, फिलहाल उस पर विराम लग गया है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब केवल पहाड़ी राज्यों तक ही सीमित रहेगा, जिससे राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं।
हालांकि सर्दी का असर लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। रात के समय ठंडी हवाओं के चलते कंपकंपी छूट रही है, वहीं सुबह के समय घना कोहरा जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 16 जिलों में घने से अति घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हो रहा है। कम दृश्यता के कारण कई स्थानों पर सड़क हादसों की खबरें सामने आई हैं। एक घटना में विजिबिलिटी बेहद कम होने से इनोवा कार और ट्रैक्टर की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को सुबह की कड़ाके की ठंड और कोहरे से बचाया जा सके।
आगे की मौसम स्थिति पर नजर डालें तो 15, 16 और 17 जनवरी के आसपास एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान प्रदेश में फिर से घना कोहरा, ठंडी हवाएं और तेज सर्दी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े बारिश सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि आगे बनने वाले सिस्टम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय-समय पर अपडेट जारी की जाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें तथा कोहरे के दौरान सतर्कता के साथ वाहन चलाएं।
Write a Response