12वीं रोड फायरिंग कांड में पुलिस की बड़ी सफलता

जोधपुर। शहर के 12वीं रोड चौराहा और बोम्बे मोटर्स के बीच 19 जून की रात हुई जानलेवा हमला एवं फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश कर दिया है। मामले में मुख्य आरोपी सहित आठ आरोपियों को दस्तयाब किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस की इस सफलता में फील्ड इंटेलिजेंस, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और विभिन्न थानों की टीमों के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों और मानव आसूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद मुख्य आरोपी अजय घारू सहित विशाल पंडित, विश्वास तेजी उर्फ चिकू, मोहित चांवरिया, मनीष बोयत, साहिल राठी, प्रिंस घारू और हर्षित तंवर को दस्तयाब कर लिया गया

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जोधपुर। शहर के 12वीं रोड चौराहा और बोम्बे मोटर्स के बीच 19 जून की रात हुई जानलेवा हमला एवं फायरिंग की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश कर दिया है। मामले में मुख्य आरोपी सहित आठ आरोपियों को दस्तयाब किया गया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस की इस सफलता में फील्ड इंटेलिजेंस, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और विभिन्न थानों की टीमों के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस आयुक्त शरत कविराज और पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम कमल शेखावत के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नरेन्द्र सिंह देवड़ा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त त्वरित अनुसंधान सेल धन्नाराम और सहायक पुलिस आयुक्त प्रतापनगर नतीशा जाखड़ के सुपरविजन में विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों को सन्नी हंस और विक्की फाइटर पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग की घटना के आरोपियों की तलाश का जिम्मा सौंपा गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा तकनीकी साक्ष्यों और मानव आसूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद मुख्य आरोपी अजय घारू सहित विशाल पंडित, विश्वास तेजी उर्फ चिकू, मोहित चांवरिया, मनीष बोयत, साहिल राठी, प्रिंस घारू और हर्षित तंवर को दस्तयाब कर लिया गया। इसके अलावा एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार घटना की गंभीरता को देखते हुए देवनगर, सरदारपुरा, शास्त्रीनगर, प्रतापनगर, सूरसागर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, राजीव गांधी नगर, खाण्डाफलसा और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) की संयुक्त टीमों को जांच में लगाया गया था। विभिन्न टीमों ने लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है और वारदात के पीछे के कारणों तथा अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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