जोधपुर। विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त पेंशनर्स ने छह माह की बकाया पेंशन सहित विभिन्न सेवानिवृत्ति परिलाभों के भुगतान की मांग को लेकर केंद्रीय कार्यालय में प्रदर्शन किया। पेंशन सोसाइटी के तत्वावधान में हुए प्रदर्शन में 150 से अधिक शैक्षणिक, अशैक्षणिक एवं पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले महिला-पुरुष पेंशनर्स शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सातवें वेतन आयोग के एरियर, ग्रेच्युटी तथा रिकवरी दर्शाए गए मामलों में लंबित भुगतान सहित अन्य बकाया राशि जारी करने की मांग की।
सोसाइटी अध्यक्ष प्रो. रामनिवास शर्मा, संयोजक अशोक व्यास और प्रो. खरता राम पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस बुलाकर प्रदर्शन में बाधा डालने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वस्तुस्थिति समझाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन में हस्तक्षेप नहीं किया और धरना शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इसी दौरान कुलगुरू केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और वाहन को पोर्च में ले जाने पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने वाहन को पोर्च में नहीं आने देने की बात कहते हुए कहा कि कुलगुरू वाहन से उतरकर पैदल कार्यालय जा सकते हैं और उनके मार्ग में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। बाद में कुलगुरू मीटिंग के लिए बृहस्पति भवन की ओर चले गए। इस दौरान पेंशनर्स मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे।
प्रो. रामनिवास शर्मा ने कहा कि पेंशनर्स अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से कुलगुरू के इस्तीफे की मांग करते हुए नया कुलगुरू नियुक्त करने की मांग भी रखी। प्रदर्शन में पेंशनर्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन के रवैये की निंदा करते हुए कुलगुरू के इस्तीफे का प्रस्ताव पारित किया।
प्रदर्शन के अंत में आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया। गांधी जयंती के अवकाश के कारण 2 अक्टूबर को प्रदर्शन स्थगित रहेगा। पेंशनर्स से 3 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अधिक संख्या में उपस्थित होने का आह्वान किया गया।
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