जोधपुर, 02 फरवरी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों की सतर्कता, सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते दो अलग-अलग घटनाओं में संभावित बड़ी रेल दुर्घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया। इन सराहनीय कार्यों के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने चारों लोको पायलटों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया
लोको पायलटों की सतर्कता से टलीं संभावित रेल दुर्घटनाएँ, डीआरएम ने किया सम्मानित
जोधपुर, 02 फरवरी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों की सतर्कता, सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते दो अलग-अलग घटनाओं में संभावित बड़ी रेल दुर्घटनाओं को समय रहते टाल दिया गया। इन सराहनीय कार्यों के लिए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अनुराग त्रिपाठी ने चारों लोको पायलटों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि पहली घटना 24 जनवरी 2026 की है। मालगाड़ी लोको WAG-12 में कार्यरत लोको पायलट मनराज मीणा एवं सहायक लोको पायलट रघुनाथ राम जाजीवाल–असरानाडा ब्लॉक सेक्शन से गुजर रहे थे। इस दौरान उन्होंने समपार संख्या LC-149 को खुली अवस्था में देखा। चालक दल ने तत्परता दिखाते हुए समपार से लगभग 150 से 200 मीटर पहले ही गाड़ी को नियंत्रित कर सुरक्षित रूप से रोक दिया। बाद में गेटमैन द्वारा फाटक बंद किए जाने के पश्चात गाड़ी का सुरक्षित संचालन किया गया। लोको पायलटों की इस सजगता से एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई तथा यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे संपत्ति की भी रक्षा सुनिश्चित हुई।
दूसरी घटना 23 जनवरी 2026 की है। ट्रेन संख्या 22738 के लोको पायलट भंवर पाल एवं सहायक लोको पायलट सुरेश बीकानेर–जोधपुर रेल खंड पर गाड़ी का संचालन कर रहे थे। नागौर स्टेशन पर ठहराव के दौरान नियमित लोको निरीक्षण के समय व्हील संख्या 6 की प्राइमरी स्प्रिंग में क्रैक पाया गया। चालक दल ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल को दी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी को प्रतिबंधित गति से चलाया गया तथा मारवाड़ छापरी स्टेशन पर लोको बदलकर आगे का संचालन सुरक्षित रूप से किया गया। इस त्वरित एवं जिम्मेदार कार्रवाई से संभावित दुर्घटना को टाल दिया गया।
डीआरएम ने कहा कि लोको पायलटों द्वारा प्रदर्शित सतर्कता, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा रेलवे की सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करती है। इन चारों लोको पायलटों को मंडल स्तर पुरस्कार देने की अनुशंसा भी की गई है। इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक राकेश कुमार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर जोगेंद्र मीणा भी उपस्थित रहे।
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