पटवारी 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट, जोधपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कृषि भूमि के म्यूटेशन दर्ज करने के बदले परिवादी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकुश बाघेला के रूप में हुई है, जो पटवार मंडल पोपावास में पटवारी के पद पर कार्यरत है तथा पटवार मंडल बम्बोर, तहसील जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहा था।

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जोधपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल यूनिट, जोधपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कृषि भूमि के म्यूटेशन दर्ज करने के बदले परिवादी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकुश बाघेला के रूप में हुई है, जो पटवार मंडल पोपावास में पटवारी के पद पर कार्यरत है तथा पटवार मंडल बम्बोर, तहसील जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहा था।

एसीबी को मिली शिकायत में बताया गया था कि ग्राम जोलियाली स्थित कृषि भूमि के सब-डिवीजन प्लान के अंतर्गत खेतेश्वर मार्केट योजना में 20 दुकानों का कुल 500 वर्गगज क्षेत्रफल परिवादी ने अलग-अलग रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। इन दुकानों का म्यूटेशन दर्ज करने के लिए आरोपी पटवारी प्रत्येक दुकान के हिसाब से 5,000 रुपये, यानी कुल 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। परिवादी द्वारा रिश्वत देने से इनकार करने पर आरोपी म्यूटेशन की प्रक्रिया लंबित रखकर उसे लगातार परेशान कर रहा था।

शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में स्पेशल यूनिट ने ट्रैप कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में निरीक्षक मनीष चौधरी और उनकी टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने पूर्व में भी इस तरह की अवैध वसूली की है या नहीं और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करें।

 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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