नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही, 1127 लोगों की मौत; पीएम बालेन शाह ने भारत की मदद को सराहा
- Posted on 4 सितम्बर 2026
- जीवन मंत्र
- By Rajendra Harsh
- 23 Views
काठमांडू। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 1,127 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस भीषण मानवीय संकट के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में देश को संबोधित किया। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा की गंभीरता का उल्लेख करते हुए राहत और बचाव कार्यों की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से तत्काल भेजी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
काठमांडू। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 1,127 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस भीषण मानवीय संकट के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में देश को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा की गंभीरता का उल्लेख करते हुए राहत और बचाव कार्यों की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने संकट की इस घड़ी में भारत की ओर से तत्काल भेजी गई सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। शाह ने भारत का विशेष तौर पर उल्लेख करते हुए कहा कि मुश्किल समय में पड़ोसी देशों की मदद बेहद महत्वपूर्ण होती है।
नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हुई, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हुए। कई गांवों और बस्तियों में पानी भरने तथा मलबा आने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। संचार और परिवहन व्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है।
आपदा के बाद नेपाली सुरक्षा एजेंसियों और राहत दलों की ओर से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम जारी है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
प्रधानमंत्री शाह द्वारा भारत की सहायता का सार्वजनिक रूप से आभार जताना दोनों पड़ोसी देशों के बीच मानवीय सहयोग को रेखांकित करता है। संकट की घड़ी में मिली मदद ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में पड़ोसी देशों के बीच सहयोग और त्वरित सहायता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
नेपाल की इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। राहत और बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव की संभावना बनी हुई है।
Write a Response