संस्कारित समाज के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : पिंकी पंवार
- Posted on 23 अगस्त 2026
- जोधपुर
- By Rajendra Harsh
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जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति की एक दिवसीय प्रांत बैठक रविवार को जोधपुर स्थित प्रांत कार्यालय भारत माता मंदिर में आयोजित हुई। बैठक में प्रांत के 25 जिलों से करीब 170 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान हिंदू समाज को जागृत, संगठित एवं संस्कारित बनाने तथा महिलाओं और युवतियों को राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के कार्यों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का शुभारंभ उज्जैन से आई राष्ट्रीय सह-संयोजिका पिंकी पंवार, प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल, मंत्री परमेश्वर जोशी और मातृशक्ति संयोजिका कुसुम थवानी ने भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति की एक दिवसीय प्रांत बैठक रविवार को जोधपुर स्थित प्रांत कार्यालय भारत माता मंदिर में आयोजित हुई। बैठक में प्रांत के 25 जिलों से करीब 170 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान हिंदू समाज को जागृत, संगठित एवं संस्कारित बनाने तथा महिलाओं और युवतियों को राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के कार्यों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का शुभारंभ उज्जैन से आई राष्ट्रीय सह-संयोजिका पिंकी पंवार, प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल, मंत्री परमेश्वर जोशी और मातृशक्ति संयोजिका कुसुम थवानी ने भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय सह-संयोजिका पिंकी पंवार ने कहा कि हिंदुत्व जागृति के माध्यम से समाज में संस्कारों का निर्माण करना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। महिलाएं देश की आत्मा हैं और मातृशक्ति के बिना संस्कारवान एवं सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। परिवार और समाज के संस्कार निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जेन-जी, जेन-अल्फा और कॉलेज की नवयुवतियों को राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्र के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। दुर्गा वाहिनी के माध्यम से अधिक से अधिक युवतियों तक पहुंच बनाकर उन्हें संगठन एवं समाजसेवा से जोड़ने पर जोर दिया गया।
विहिप प्रांत संगठन मंत्री राजेश पटेल ने दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति के सेवा, संस्कार और समाज जागरण कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने दुर्गाष्टमी के अवसर पर सभी जिलों में कार्यक्रम एवं पथ संचलन आयोजित करने की योजना तैयार कर कार्यकर्ताओं को समाज से व्यापक संपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर मातृशक्ति को केंद्र में रखकर महिला शक्ति के माध्यम से समाज जागरण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी कड़ी में विभिन्न जिलों में शौर्य संचलन भी निकाले जाएंगे। बैठक में संगठन विस्तार, महिला संपर्क, युवा शक्ति को जोड़ने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने संगठन के कार्यों को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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