एमडीएम अस्पताल में डीबीटी भुगतान में अनियमितता

जोधपुर। मथुरादास माथुर (एमडीएम) चिकित्सालय में ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थी प्रसूताओं को किए गए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक जांच में 9.42 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 


जोधपुर। मथुरादास माथुर (एमडीएम) चिकित्सालय में ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से लाभार्थी प्रसूताओं को किए गए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन की ओर से शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक जांच में 9.42 लाख रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित द्वारा 10 फरवरी 2026 को थानाधिकारी शास्त्रीनगर को भेजे गए पत्र में बताया गया कि संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन जोधपुर के पत्रांक 191-195 दिनांक 9 फरवरी 2026 के क्रम में राज्य स्तर पर की गई समीक्षा के दौरान प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की आशंका सामने आई थी। इसके बाद जिला स्तरीय जांच दल गठित कर मामले की जांच करवाई गई।

जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि अगस्त 2015 से मार्च 2025 के बीच जननी सुरक्षा योजना और राजश्री योजना के अंतर्गत ओजस सॉफ्टवेयर से किए गए भुगतानों में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। भुगतान सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया में लापरवाही के साथ-साथ कुछ कार्मिकों की संभावित मिलीभगत भी सामने आई है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार संलग्न सूची में दर्ज बैंक खातों में कुल 9,42,447 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एमडीएम अस्पताल में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल विश्नोई का नाम अभिलेखों से सामने आया है। साथ ही अन्य संबंधित कार्मिकों की संलिप्तता से अधिक राशि के गबन की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है।

शास्त्रीनगर पश्चिम थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 408 और 120बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान की जिम्मेदारी एएसआई चंचल प्रकाश को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 
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Author
Rajendra Harsh
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