एमबीएम विवि में विद्यार्थियो को सिखाई गई ’ पारस्पारिक कौशल ’ और ‘मानवीय मूल्यों’ की बारीकियां

जोधपुर। एमबीएम विश्वविद्यालय में नवागंतुक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए चल रहे आमुखीकरण एवं प्रवेशोत्सव समारोह के दूसरे दिन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, पारस्परिक कौशल, मानवीय मूल्यों और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में सही दृष्टिकोण, नैतिकता और जिम्मेदारी अपनाने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि कार्यक्रम के पहले सत्र में प्रसिद्ध जीवन एवं पारस्परिक कौशल प्रशिक्षक श्रीकांत गुप्ता ने ‘द एबीसी ऑफ सक्सेस’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

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जोधपुर। एमबीएम विश्वविद्यालय में नवागंतुक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए चल रहे आमुखीकरण एवं प्रवेशोत्सव समारोह के दूसरे दिन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, पारस्परिक कौशल, मानवीय मूल्यों और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन में सही दृष्टिकोण, नैतिकता और जिम्मेदारी अपनाने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि कार्यक्रम के पहले सत्र में प्रसिद्ध जीवन एवं पारस्परिक कौशल प्रशिक्षक श्रीकांत गुप्ता ने ‘द एबीसी ऑफ सक्सेस’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने एलन मस्क और नारायण मूर्ति जैसे सफल व्यक्तित्वों के जीवन के उदाहरण देते हुए कहा कि सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत के साथ सही दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच के साथ करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख दी।

इसके बाद आईआईटी जोधपुर की प्रो. टोनिशा गुइन ने ‘सार्वभौमिक मानवीय मूल्य’ विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिकता, आंतरिक अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ एक संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनना भी उतना ही जरूरी है। किशोरावस्था से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियां स्वयं लेने और जीवन में संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अगले सत्र में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन चौधरी ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक, फर्जी संदेश और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले अपराधों के उदाहरण साझा करते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने तथा अपनी व्यक्तिगत और डिजिटल जानकारी सुरक्षित रखने की सलाह दी।

आमुखीकरण एवं प्रवेशोत्सव के दौरान आयोजित इन सत्रों से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, मानवीय मूल्यों और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।

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Author
Rajendra Harsh
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