लोको पायलटों ने 48 घंटे उपवास रखकर किया सुरक्षित ट्रेन संचालन

जोधपुर। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (अलारसा) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देशभर के लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों ने अपनी मांगों के समर्थन में 48 घंटे का सामूहिक उपवास रखा। विरोध के दौरान भी सभी रनिंग स्टाफ ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित और सुरक्षित रूप से ट्रेन संचालन किया।

WhatsApp Image 2025-12-04 at 12.36.30 PM-kaM1oVqm26.jpg

लोको पायलटों ने 48 घंटे उपवास रखकर किया सुरक्षित ट्रेन संचालन

जोधपुर। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (अलारसा) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर देशभर के लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों ने अपनी मांगों के समर्थन में 48 घंटे का सामूहिक उपवास रखा। विरोध के दौरान भी सभी रनिंग स्टाफ ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित और सुरक्षित रूप से ट्रेन संचालन किया।

अलारसा की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2024 से रनिंग भत्ता दरों में 25 प्रतिशत वृद्धि प्रमुख रही। संगठन का कहना है कि लंबित मांगों को लेकर सरकार और रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से शांतिपूर्वक उपवास रखा गया।

अलारसा जोधपुर मंडल सचिव डी.आर. सैन और मंडल अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह सैल ने बताया कि जोधपुर और मेड़ता रोड की लोको लोबियों सहित विभिन्न रनिंग रूमों और प्रशिक्षण केंद्रों पर लगभग सभी रनिंग स्टाफ ने भोजन का त्याग कर सामूहिक उपवास में भाग लिया।

रनिंग स्टाफ की अन्य मांगों में आरएसी-1980 फार्मूले के अनुसार रनिंग भत्ते का पुनरीक्षण, किलोमीटर माइलेज भत्ते की आयकर छूट सीमा बढ़ाना, सहायक लोको पायलट को जोखिम भत्ता, ओपीएस लागू करना, एएलपी से सीएलआई तक वेतनमान एल-6 से एल-10 निर्धारित करना, नौ घंटे से अधिक ड्यूटी समाप्त करना, सभी लोको में एसी व टूल बॉक्स उपलब्ध कराना, रिक्त पदों को पदोन्नति से भरना और स्पॉड मामलों में ‘रिमूवल’ सजा समाप्त करना शामिल है।

अलारसा के इस विरोध कार्यक्रम को एनडब्लूआरईयू, यूपीएरएमएस, आईआरइयू, गार्ड्स काउंसिल सहित कई संगठनों का समर्थन मिला। जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर मंडलों से बड़ी संख्या में रनिंग स्टाफ उपवास में शामिल होकर अपनी एकजुटता दर्ज कराई।

0
Author
Rajendra Harsh
Author
Rajendra Harsh

Write a Response