केरू में करंट से सब्जी विक्रेता की मौत पर उबाल

जोधपुर। केरू कस्बे में करंट लगने से सब्जी विक्रेता झूमरलाल चौहान की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी ग्रामीणों और परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन देर शाम तक कोई सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे जोधपुर कूच कर बड़ा आंदोलन करेंगे। जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे केरू कस्बे में रामसुख गोपाल गौशाला के पास 11 केवी हाईटेंशन लाइन और एलटी लाइन आपस में टकरा गई।


जोधपुर। केरू कस्बे में करंट लगने से सब्जी विक्रेता झूमरलाल चौहान की दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना के दूसरे दिन भी ग्रामीणों और परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन देर शाम तक कोई सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे जोधपुर कूच कर बड़ा आंदोलन करेंगे।

जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे केरू कस्बे में रामसुख गोपाल गौशाला के पास 11 केवी हाईटेंशन लाइन और एलटी लाइन आपस में टकरा गई। इससे पूरी एलटी लाइन में तेज करंट दौड़ गया। उसी समय 37 वर्षीय सब्जी विक्रेता झूमरलाल चौहान अपनी दुकान पर ग्राहकों को सब्जी तौल रहे थे। अचानक दुकान में करंट फैलने से वह उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

झूमरलाल चौहान अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी, तीन छोटे बेटे और एक बेटी हैं। घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है, जबकि पूरे गांव में शोक और गुस्से का माहौल है।

सोमवार को ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप पूरा केरू बाजार बंद रखा और बड़ी संख्या में लोग बिजलीघर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से बिजली लाइनों के रखरखाव की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया गया।

प्रशासन की ओर से एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी तथा डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सहायता कोष, डिस्कॉम और संबंधित ठेकेदार की ओर से संयुक्त रूप से 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, दोषी अधिकारियों के निलंबन, निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी।

शाम को ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने कैंडल मार्च निकालकर झूमरलाल चौहान को श्रद्धांजलि दी और न्याय की मांग दोहराई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और बिजली विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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