महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम के तहत जोधपुर पुलिस ने किया वर्चुअल संवाद

जोधपुर, 1 जुलाई। महिला सुरक्षा को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में बुधवार को "महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम" के तहत संपर्क सभा एवं वर्चुअल संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेंडर सेंसिटाइजेशन, महिला सुरक्षा योजनाओं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा तथा महिला एवं बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन रातानाडा स्थित सरदार पटेल सभागार में किया गया।

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जोधपुर, 1 जुलाई। महिला सुरक्षा को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय जोधपुर में बुधवार को "महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम" के तहत संपर्क सभा एवं वर्चुअल संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जेंडर सेंसिटाइजेशन, महिला सुरक्षा योजनाओं, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा तथा महिला एवं बाल अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाइन रातानाडा स्थित सरदार पटेल सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त शरत कविराज (आईपीएस) रहे। उनके साथ पुलिस उपायुक्त पश्चिम कमल शेखावत (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त पूर्व मनीष चौधरी (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिकाऊ) पश्चिम नीरज शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिकाऊ) पूर्व शुभकरण सहित पुलिस आयुक्तालय के महिला एवं पुरुष अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। विभिन्न पुलिस थानों एवं शाखाओं के कार्मिकों ने प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों को जेंडर सेंसिटाइजेशन, संवेदनशील पुलिसिंग, राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला बीट अधिकारी योजना, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, वरिष्ठजन सम्बल योजना, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े प्रावधान (सी-बॉक्स), पॉक्सो ई-बॉक्स, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला अपराधों में कानूनी प्रावधान, आत्मरक्षा प्रशिक्षण तथा महिला सुरक्षा से जुड़े नवाचारों की जानकारी दी गई।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने प्रशिक्षण से मिले आत्मविश्वास और इसके सकारात्मक प्रभाव साझा किए। तीन महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां सुनाईं। प्रश्नोत्तर सत्र में वीना बालानी ने अपनी कॉलोनी में आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित कराने की जानकारी ली, जबकि संगीता ने स्कूल के बाहर मनचलों की समस्या के समाधान पर सवाल पूछा। वहीं लखपति दीदी अनिता और ज्ञानी चौधरी ने बच्चों के मोबाइल उपयोग के दौरान साइबर फ्रॉड और अश्लील सामग्री के दुरुपयोग से बचाव के उपायों की जानकारी प्राप्त की।

पुलिस आयुक्तालय ने बताया कि 29 जुलाई 2026 तक विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता अभियान, संवाद कार्यक्रम, कार्यशालाएं और आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिला सुरक्षा के प्रति समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

 
 
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Author
Rajendra Harsh
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