एमए की फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करने वाला आरोपी गिरफ्तार

जोधपुर/अजमेर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वर्ष 2024 में एक छात्रा को फर्जी एमए की डिग्री उपलब्ध कराने के मामले में सहयोग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार कर अजमेर लाया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल एसओजी की टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32) पुत्र बाबूलाल निवासी चोटियों की ढाणी, धवा, पुलिस थाना झंवर, जोधपुर पश्चिम के रूप में हुई है। आरोपी को एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए जोधपुर से गिरफ्तार किया गया


जोधपुर/अजमेर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वर्ष 2024 में एक छात्रा को फर्जी एमए की डिग्री उपलब्ध कराने के मामले में सहयोग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जोधपुर से गिरफ्तार कर अजमेर लाया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल एसओजी की टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक बिश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32) पुत्र बाबूलाल निवासी चोटियों की ढाणी, धवा, पुलिस थाना झंवर, जोधपुर पश्चिम के रूप में हुई है। आरोपी को एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्याम सुंदर के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए जोधपुर से गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2024 में ब्रह्माकुमारी नामक छात्रा को फर्जी एमए की डिग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसी कड़ी में उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

एसओजी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने फर्जी डिग्री कहां से प्राप्त की, इसे तैयार कराने या उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इसके बदले कितनी राशि ली गई। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को इस तरह की फर्जी डिग्रियां उपलब्ध कराई हैं और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जांच अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। यदि फर्जी डिग्री तैयार करने या बेचने वाले किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

एसओजी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा से जुड़े फर्जी दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मामले की जांच जारी है और आरोपी से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
 
 
 
 
 
 
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Author
Rajendra Harsh
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