यूरोप आयुर्वेद अकादमी के विद्यार्थियों का आयुर्वेद विश्वविद्यालय में शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण

जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग में यूरोप आयुर्वेद अकादमी के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 15 दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 2 से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूरोप आयुर्वेद अकादमी के विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग और संजीवनी चिकित्सालय का भ्रमण किया।

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जोधपुर। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग में यूरोप आयुर्वेद अकादमी के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 15 दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 2 से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविन्द सहाय शुक्ल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूरोप आयुर्वेद अकादमी के विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर पंचकर्म विभाग और संजीवनी चिकित्सालय का भ्रमण किया। विद्यार्थियों को पंचकर्म चिकित्सा पद्धति की विभिन्न प्रक्रियाओं के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पक्षों की जानकारी दी गई। इसमें स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन और बस्ति कर्म सहित विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण शामिल रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर गोविन्द सहाय शुक्ल की अध्यक्षता में उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं क्लीनिकल प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आयुर्वेद को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

यूरोपियन आयुर्वेद अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुरेश स्वर्णपुरी ने ‘वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद का अभ्यास, नैदानिक एकीकरण एवं समकालीन शिक्षा’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। वहीं स्नातकोत्तर पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानप्रकाश शर्मा ने पंचकर्म की शास्त्रीय अवधारणाओं, ऋतु अनुसार इसके महत्व तथा विभिन्न रोगों में इसकी उपयोगिता की जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मीनाक्षी आंजना और पीजी स्कॉलर डॉ. चंद्रेश तिवारी ने निरूह बस्ति की तैयारी और प्रयोग विधि का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को औषध द्रव्यों, आवश्यक सामग्री, मात्रा, क्रम और प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में संजीवनी चिकित्सालय अधीक्षक एवं स्त्री एवं प्रसूति तंत्र विभागाध्यक्ष प्रो. ए. नीलिमा रेड्डी, प्रशिक्षण संचालक डॉ. राकेश शर्मा सहित डॉ. दिलीप कुमार व्यास, डॉ. अचला राम कुमावत, डॉ. गौरीशंकर राजपुरोहित एवं पंचकर्म विभाग के पीजी अध्येता उपस्थित रहे।

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Author
Rajendra Harsh
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